बारिश से टपकने लगीं सीएचसी की छतें।
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बारिश ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भानपुर की दशा बदहाल कर दी है। इससे अस्पताल कर्मचारियों के साथ ही इलाज के लिए आने वाले मरीज भी परेशानी झेलने को मजबूर हैं।
बारिश से जहां परिसर के चारों तरफ बड़े बड़े घास फूस उग आए हैं। वहीं अस्पताल बिल्डिंग की छत टपकने से वार्ड सहित गलियारे और अन्य जगहों पर पानी भर जा रहा है। छत से टपकने वाले पानी से वार्डों के बेडों पर पड़े विस्तर भीग जा रहे हैं। कमरे में पानी भरने और बाहर घास फूस से पूरा परिसर कूड़ादान बन रहा है। वार्डों में लगी खिड़कियों के टूटे शीशों से वार्ड के बाहर घास फूस से जहरीले कीटों और मच्छरों के आने का खतरा बढ़ा गया है। बृहस्पतिवार को कर्मचारियों ने बताया कि अस्पताल का कोई भी कमरा ऐसा नहीं है जहां पानी न टपक रहा हो। दवा वितरण कक्ष की भी यही दशा है। यहां रखीं दवाओं को भी बचाना मुश्किल हो रहा है। बताया कि जगह जगह पानी और बाहर घास फूस और गंदगी से सभी को परेशानी होती है लेकिन जिम्मेदारों की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वार्डों के पीछे उगे घास फूसों से कई बार सांप वार्डों तक में आ जाते हैं। अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग के रिकार्ड भी सुरक्षित नहीं है।
वर्जन
नई कमेटी की देरी से गठन होने के कारण पिछले सत्र में बजट नहीं निकल पाया था। इस बार बजट आते ही सीएचसी में मरम्मत कार्य कराए जाएंगे। समस्याओं की जानकारी है। बस बजट का इंतजार है।
डॉ. रंजीत कुमार
सीएचसी अधीक्षक, भानुपर