बस्ती। दरिंदगी के आरोप में जेल भेजे गए नगर पंचायत रुधौली के चेयरमैन धीरसेन निषाद की जमानती अर्जी खारिज होने के दूसरे दिन बुधवार को उनके सहयोगी मायाराम पाठक की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी गई। विशेष न्यायालय एससी-एसटी के न्यायाधीश अविनाश चंद्र मिश्रा की अदालत में आरोपी ने जमानत की अर्जी दी गई थी।
विशेष लोक अभियोजक हयात मोहम्मद ने अदालत को बताया कि आरोपी मायाराम पाठक पर दरिंदगी की साजिश, एससी-एसटी सहित अन्य धाराओं पर केस दर्ज है। 27 अगस्त को रुधौली थाना क्षेत्र की एक महिला ने धीरसेन निषाद पर नगर पंचायत में नौकरी देने के लालच में यौन शोषण, दरिंदगी व जबरन गर्भपात कराने का गंभीर आरोप लगाते हुए एसपी को प्रार्थनापत्र दिया था जिसमें बताया था कि मायाराम पाठक ने ही उसे मुख्य आरोपी धीरसेन निषाद से मिलने के लिए भेजा था। गर्भवती होने पर उसी ने जबरन दवा खिलाकर गर्भपात कराया था। एसपी के आदेश पर रुधौली पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज किया था। 18 सितंबर को मायाराम पाठक की गिरफ्तारी हुई थी। संवाद