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आमी को प्रदूषित करने वाले उद्योगों की होगी जांच

Thu, 08 Oct 2015 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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बस्ती। आमी नदी को प्रदूषणकारी उद्योगों से बचाने के लिए चलाई जा रही मुहिम असर दिखाने लगी है। आमी नदी के जल को प्रदूषण से मुक्त कराने की पहल हो गई है।
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विधानसभा की आश्वासन समिति की सिफारिश पर सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जांच का निर्देश दिया है। बोर्ड के सदस्य सचिव एससी यादव ने मुख्य पर्यावरण अधिकारी के नेतृत्व में तीन सदस्यों की जांच टीम बनाई है। टीम को 15 दिनों में अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

आमी नदी को प्रदूषण से मुक्त कराने के लिए बस्ती से लेकर गोरखपुर तक कई आंदोलन चले। तीन दिन पहले आमी नदी बचाओ यात्रा बस्ती में पहुंची थी। इसे लेकर कई विधायकों ने विधानसभा में सवाल भी उठाए हैं।
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मामला जब आश्वासन समिति के पास पहुंचा तो समिति ने सरकार को जांच कराने की सिफारिश की। प्रभारी क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी एके श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुख्यालय ने जांच का आदेश दिया है।

बताया कि जांच टीम को रुधौली अठदमा स्थित शुगर मिल से निकलने वाले रसायन युक्त पानी की जांच और गीडा स्थित प्रदूषणकारी उद्योगों द्वारा आमी में औद्योगिक प्रवाह के निस्तारण के लिए किए गए उपाय की जांचकर रिपोर्ट देनी है।

टीम को यह भी सुझाव देने को कहा गया है कि उद्योगों द्वारा प्रवाह निस्तारण से नदी के जल पर क्या प्रभाव पड़ेगा। ऐसे प्रवाह के बाद नदी का जल क्या विषाक्त हो जाता है? नदी का पानी फसलों की सिंचाई एवं जानवरों के पीने योग्य रह जाता है या नहीं? जांच टीम को स्थानीय निकायों द्वारा घरेलू जल-मल आमी नदी में छोड़े जाने से उत्पन्न स्थिति की भी समीक्षा करनी है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुख्यालय द्वारा जो जांच टीम बनाई उनमें मुख्य पर्यावरण अधिकारी वृत्त चार मुख्यालय लखनऊ, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण फैजाबाद और प्रभारी क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बस्ती शामिल हैं।
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