हरैया। गन्ना समिति विक्रमजोत में बैठक के दौरान पिछले वर्ष हुए विवाद में पुलिस ने समिति के गन्ना पर्यवेक्षक की तहरीर पर पूर्व अध्यक्ष व एक अन्य व्यक्ति विरुद्ध सरकारी कार्य सेवक के साथ बदसलूकी व जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए धमकी देने के मामले छावनी थाने पर शुक्रवार को केस दर्ज हुआ है।मामले की जांच सीओ करेंगे।
पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में पर्यवेक्षक अर्जुन गौड का आरोप है कि जीवनरायण पुर निवासी कुलदीप सिंह के समिति का सदस्य बनने के लिए लगाए गए अभिलेखों की जांच कर रहे थे। जांच में जो अभिलेख सदस्य बनने के लिए प्रस्तुत किए गए थे वह बाग मालिकान दर्ज था। इसी रिपोर्ट को कृषि योग्य लगाने के लिए उस पर दबाव बनाया जा रहा था। 20 नवंबर 24 को समिति की बैठक में इसी को लेकर कुलदीप सिंह ने पूर्व अध्यक्ष के इशारे पर बदसलूकी की और गाली गलौज करते हुए धमकी दी।
प्रकरण की जानकारी पीड़ित ने जिला गन्ना अधिकारी सहित उच्च अधिकारियों को पत्र के माध्यम से दी।अर्जुन का कहना है वह थाने पर भी गया था मगर तब कोई कार्यवाही नहीं हुई।इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक भानु प्रताप सिंह ने बताया कि दो लोगों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ है।सी ओ संजय सिंह ने बताया कि प्रकरण पुराना है।दोनो पक्षों में बातचीत चल रही थी अब तहरीर मिली है तो केस दर्ज हुआ है।आरोपों की जांच तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
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राजनीतिक षड्यंत्र के तहत दर्ज हुआ है केस : अरविंद
विक्रमजोत गन्ना समिति के पूर्व अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने अपने ऊपर दर्ज हुए केस पर सफाई देते हुए कहा कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत उन्हें फ़ंसाया गया है।कहा कि समिति के चुनावों में उनके पुत्र सिद्धांत के विरोधी खेमे में शामिल लोगों के साजिश में आकर पर्यवेक्षक ने फंसाया है।कहा कि वह निर्दोष है और जांच के लिए तैयार हैं।