बस्ती। सूदखोरी और उभाई के किशोर आदर्श उपाध्याय की दुर्भाग्यपूर्ण मौत का जिम्मेदार माने जा रहे बहुचर्चित पुलिसकर्मी सियासी झगड़े की वजह भी बन चुके हैं। इन पुलिस कर्मियों के मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों में ठन गई है।
इन पुलिस कर्मियों पर अब तक एफआईआर दर्ज न होने और मौत के बाद आदर्श पर मारपीट का केस दर्ज होने, सूदखोरी में लिप्त होने की बात को नजरअंदाज किए जाने को लेकर सियासी आरोप-प्रत्यारोप तक लगाए जाने लगे हैं। इसे लेकर अंदरखाने चल रही बुदबुदाहट सोमवार को सतह पर आ गई। हर्रैया के विधायक अजय कुमार सिंह उभाई पहुंचकर मृतक के पिता ओमप्रकाश उपाध्याय से मिले। नाराजगी भरे लहजे में बोले कि कुछ लोग जाति से जोड़कर उन पर थानेदार और सिपाही को बचाने का आरोप लगा रहे हैं,जबकि मैने 20 मार्च को सिपाही शिवम सिंह को हटाने के लिए कप्तान को पत्र लिखा था,क्योंकि उसकी काफी शिकायत थी। कहा कि मेरी जाति से या सिपाही से कोई लेना-देना नहीं,जनता मेरी सब कुछ है। विधायक ने कहा कि सबसे पहले पहुंचकर पोस्टमार्टम से लेकर आर्थिक सहायता दिलाने तक का काम किया। बोले कि एक ब्राह्मण की हत्या पर जो राजनीति करेगा, उसका विनाश हो जाएगा। संवाद