छतौना के पास पीपा पुल में फंसे भैंसों को देखने के लिए पहुंचे ग्रामीण स्रोत
विक्रमजोत। छावनी थाना क्षेत्र के छतौना गांव के पास टेढ़ी नदी पर बने पीपा पुल में फंसी सात भैंसों के शव मंगलवार को राजस्व और पशुपालन विभाग की टीम की मौजूदगी में निकाल लिए गए। सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। पशु चिकित्सकों के मुताबिक भैंसों की मौत दम घुटने से हुई थी।
रविवार रात पीपा पुल के पीपों में फंसकर 17 भैंसों की मौत हो गई थी। इनमें से सात के शव स्थानीय पशुपालकों और प्रशासनिक टीम ने देर शाम कड़ी मशक्कत के बाद निकाल लिए थे। तीन भैंसों को जिंदा सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जबकि सात भैंसों के शव पीपा पुल में फंसे रह गए थे।
मंगलवार सुबह एसडीएम हर्रैया उमाकांत तिवारी के निर्देश पर कानूनगो और करीब आधा दर्जन लेखपाल मौके पर पहुंचे। सेतु निगम की कार्यदायी संस्था के ठेकेदार और कर्मचारियों की मदद से बेतरतीब पड़े पीपों को हटवाया गया। इसके बाद सातों भैंसों के शव बाहर निकाले गए। राजकीय पशु चिकित्सालय की टीम ने शवों का पोस्टमार्टम किया।
मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि सातों भैंसों की मौत दम घुटने से हुई है। यदि पीपा पुल में और कोई शव मिलता है तो उसका भी नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
मौके पर गुलजार अहमद, अजय कुमार श्रीवास्तव, श्रवण कुमार, सेतु निगम की कार्यदायी संस्था के ठेकेदार अजित सिंह और चौकीदार मौजूद रहे। शव निकाले जाने तक ग्रामीण घाट पर डटे रहे।