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फॉलोअप अमोढा आगजनी को लेकर छावनी एसओ नपे

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अमोढ़ा आगजनी को लेकर छावनी एसओ नपे
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विक्रमजोत (बस्ती)। दशहरा के दिन अमोढ़ा कस्बे में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के समय उपद्रव रोकने में नाकाम छावनी एसओ रणविजय सिंह पर शुक्रवार को गाज गिर गई। उन्हें लाइन हाजिर करते हुए विक्रमजोत चौकी इंचार्ज हरेश्याम उपाध्याय को थाने का प्रभार सौंप दिया गया।
इससे पहले बृहस्पतिवार को बीट दरोगा अमित कुमार सिंह को लाइन हाजिर कर पुलिस की लापरवाही छिपाने की कोशिश की गई, लेकिन जनआक्रोश और जनप्रतिनिधियों के दबाव के कारण थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया गया। कार्यभार ग्रहण करने के बाद हरेकृष्ण उपाध्याय ने बताया कि घटना के सभी पहलुओं की छानबीन की जा रही है।
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खुले में बिकता रहा मांस
रोक के बावजूद दशहरा के दिन खुले में मांस और शराब दुकानें खुली रहीं। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि त्योहारों के दौरान दुकानों से वसूली कर हल्का दरोगा व बीट सिपाही गैर कानूनी ढंग से संचालित कराते हैं। इस बार भी वही हुआ विक्रमजोत हाईवे मलौली गोसाई, छावनी कस्बा, अमोढ़ा, कस्बा राम जानकी मार्ग सहित एक दर्जन मांस की दुकानें खुली रहीं।
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अब तक नहीं हुई गिरफ्तारी
विक्रमजोत। छावनी क्षेत्र के अमोढ़ा मे हुए बवाल में छावनी पुलिस ने करीब 400 आरोपियों के खिलाफ आधा दर्जन संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। तीन दिन बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई। प्रभारी थानाध्यक्ष ने बताया कि कुछ लोगों को थाने पर बुलाकर बयान दर्ज कराया गया है। सोशल मीडिया की मदद से आरोपियों की पहचान करनेकी कोशिश की जा रही है। आरोपियों की इतनी बड़ी तादाद में पहचान करना भी पुलिस के लिए आसान नहीं है। एसडीएम आसाराम वर्मा ने बताया की मामला सांप्रदायिक सौहार्द और क्षेत्र में अमन चैन शांति का है। सौहार्द को चुनौती देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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