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Basti News: धंधेबाजों ने बदला पैतरा...अब घी में मिलावट कर कमा रहे मुनाफा

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बस्ती। देसी घी में मिलावट की पुष्टि के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम सख्त हो गई है। मिलावटी घी बेचने पर रोक लगाने के लिए जांच भी शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि मार्च माह में देसी घी के कुल 15 नमूनों का सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजा गया है, रिपोर्ट आने पर कार्रवाई होगी। वहीं, मंगलवार को रोडवेज, जिला महिला अस्पताल के सामने से टीम ने छापेमारी कर लड्डू और समोसे का भरा नमूना कर दो सैंपल लिए।
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वहीं, बस्ती के साथ ही जनपद सिद्धार्थनगर में फेल मिले देसी घी की जिले में बिक्री पर निगरानी भी शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि चिह्नित घी की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। देसी घी का प्रयोग लोग शरीर को स्वस्थ रखने के लिए करते हैं। इसके अलावा पूजा-पाठ में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन अब इसमें भी मिलावट होने लगी है।
पड़ोसी जनपद सिद्धार्थनगर के बाद बस्ती में भी देसी घी की गुणवत्ता खराब मिली है। प्रयोगशाला की जांच में नमूने फेल पाए गए। इससे संबंधित रिपोर्ट के बाद जिले में फेल देसी घी की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। सिद्धार्थनगर और मुजफ्फरनगर में तीनों ब्रांड नेचुरल राजधानी, हरियाणा फूड और मदर बेस्ट देसी घी के नमूने लिए गए, जो जांच में यह खराब मिले।
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मदर बेस्ट ब्रांड के नमूने में निर्धारित मानक से कम गुणवत्ता पाई गई, जबकि नेचुरल राजधानी, हरियाणा फूड के नमूने में बाहरी वसा की मिलावट सामने आई। इसके बाद बिक्री पर प्रतिबंध लगाते हुए निगरानी के लिए शासन से पत्र जारी हुआ था। वहीं, बस्ती में दिल्ली डेयरी ब्रांड का देसी घी जांच में फेल मिला था। इसके बाद इसकी बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है।
इस घी में ब्यूट्रो रेफ्रेक्टोमीटर (बीआर) बढ़ा पाया गया, जो मिलावट की पुष्टि करता है। इसमें कई प्रकार की मिलावट हो सकती है। वनस्पति तेल व अन्य हानिकारक सामग्री शामिल हो सकती है। इन चारों ब्रांड में मिलावट की पुष्टि सामने आने के बाद विभाग सख्त हो गया है। विभाग का कहना है कि मदर बेस्ट ब्रांड, नेचुरल राजधानी, हरियाणा फूड और दिल्ली डेयरी ब्रांड के देसी घी की जिले में बिक्री नहीं होने दी जाएगी।
इसकी निगरानी की जा रही है। बिक्री पर रोक के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। बिक्री करते पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। दूसरी ओर शहर के अलग-अलग मॉल से देसी घी के 15 नमूने जांच के लिए गए और लैब में भेजे हैं। यह अलग-अलग कंपनियों के हैं। मार्च माह में लिए गए सैंपल की रिपोर्ट अप्रैल अंत तक आने की उम्मीद है।

शिकायत पर जांच को पहुंची टीम, लड्डू और समोसे का भरा नमूना
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम मंगलवार को शिकायत मिलने पर जिला महिला अस्पताल और रोडवेज पर छापेमारी की। महिला अस्पताल के सामने एक दुकान से बूंदी लड्डू और समोसे का एक-एक नमूना एकत्र किया। जांच के लिए लैब भेजा गया। जिला अभिहित अधिकारी चितरंजन कुमार सिंह ने बताया खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय श्रीवास्तव की टीम ने दो सैंपल लिए हैं। सैंपल फेल मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं जांच टीम को देखकर आसपास के दुकनदारों में हड़कंप मच गया। कई दुकानदार शटर गिराकर निकल गए। टीम जाने के बाद दुकान खुली।
कोट
मार्च में देसी घी के 15 नमूने लिए गए थे। जांच के लिए प्रयाेगशाला में भेजा गया है। इनमें अलग-अलग कंपनियों के उत्पाद शामिल हैं। अप्रैल माह के अंत तक रिपोर्ट आने की उम्मीद है। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी। फेल मिले चार कंपनियों के देसी घी की भी निगरानी कराई जा रही है, जिससे इसकी बिक्री जिले में न होने पाए। मिलावट के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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-चितरंजन कुमार सिंह, सहायक आयुक्त, खाद्य एवं औषधि प्रशासन ग्रेड-दो, बस्ती।
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