कलवारी थाना क्षेत्र के बैड़ारी एहतमाली गांव के एक पुरवे में बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे चूल्हे से निकली चिंगारी से आधा दर्जन घर जलकर राख हो गए। जिसमें अनाज, बर्तन, जेवर व नकदी सहित पशुओं का चारा भी जल गया।
बृहस्पतिवार सुबह साढ़े नौ बजे बैड़ारी एहतमाली पुरवे के लोग खेतों में सरसों, मटर काट रहे थे। इसी बीच गांव में लगी गुहार कान में पड़ी। सीवान से लोग भागकर जब तक अपने घरों को पहुंचते, तब तक आधा दर्जन आवासीय झोपड़ी जल चुकी थी। गांव के लोग बताते हैं कि सबसे पहले रामबाबू के घर के चूल्हे से आग उड़ी। उस समय घर पर कोई नहीं था। देखते ही देखते झिनकान, रमाकांत, राम उजागिर, राम अवध व छब्बे की फूस की झोपड़ी जलने लगी। अगल बगल के गांव वालों की मदद से पुरवे के सिर्फ पांच घर बचाए जा सके। जिसमें हैदराबाद से कमाकर आए तीन लोगों की नकदी भी जल गई। मौके पर कलवारी थाने के एसआई विनोद यादव, लेखपाल राजेंद्र पांडेय ने पीड़ितों की स्थिति से प्रशासन को अवगत कराया। प्रधान प्रतिनिधि मायाराम निषाद ने पीड़ितों को शाम के भोजन के अलावा प्रत्येक परिवार को 15 किलो चावल की व्यवस्था किया।
बताया जा रहा है कि 1998 में घाघरा नदी की भीषण कटान के बाद से नई बस्ती के लोग बंधे पर रह रहे थे। 10 वर्ष पूर्व तहसील प्रशासन ने उन लोगों को आवासीय पट्टा दे दिया, जहां बसे थे। इस पुरवे के लोग पूरी तरह भूमिहीन हैं। जीविका चलाने के लिए मजदूरी ही एकमात्र उपाय है।