जिला महिला अस्पताल के जनरल वार्ड के छत का टूटा प्लास्टर संवाद
- फोटो : 1
बस्ती। कायाकल्प टीम के निरीक्षण से पहले जिला महिला अस्पताल के पुराने भवन की खामियों को दूर करने की कवायद शुरू हो गई है। अस्पताल प्रशासन ने भवन की मरम्मत, सड़क, नाली और प्रकाश व्यवस्था समेत अन्य कार्यों के लिए बजट की मांग की है। सीएमएस की ओर से सीडीओ को प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें क्रिटिकल गैप्स योजना के तहत कार्य कराने की संभावना है। जिला महिला अस्पताल का भवन काफी पुराना है। पहले दीवारों से प्लास्टर छूट रहा था, अब छत से भी प्लास्टर टूटकर गिरने लगा है। सीजेरियन के बाद प्रसूताओं को जिस भवन और कक्ष में भर्ती किया जाता है, वहां की छत का प्लास्टर भी छूटकर गिर रहा है। गनीमत है कि अभी तक इसकी चपेट में कोई प्रसूता, नवजात, कर्मचारी या तीमारदार नहीं आया है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन को कभी भी हादसा होने की आशंका है।
ओपीडी कक्ष के पुराने पैथोलॉजी भवन की छत में भी बारिश के दौरान सीलन हो जाती है। अस्पताल परिसर में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश के समय पानी भर जाता है। इससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी होती है। पानी सूखने के बाद परिसर में कीचड़ की स्थिति बन जाती है। अस्पताल परिसर में फिलहाल इंटरलॉकिंग सड़क है।
इन समस्याओं को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने सड़क की मरम्मत, नई नालियों के निर्माण और अन्य जरूरी कार्यों के लिए बजट मांगा है। कायाकल्प टीम के निरीक्षण से पहले व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की तैयारी है।
50 करोड़ के स्टीमेट की तैयारी : नए भवन के निर्माण और स्टीमेट की जिम्मेदारी सीएंडडीएस कार्यदायी संस्था को दी गई थी। चार मंजिला भवन में ओपीडी, आईपीडी, वार्ड और एसएनसीयू समेत विभिन्न यूनिट संचालित किए जाने की योजना है।
सीएंडडीएस की ओर से जिला महिला अस्पताल के नए भवन का करीब 50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिल चुकी है। अब बजट जारी कराने के लिए उच्च अधिकारियों के अनुमोदन के बाद प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।