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Basti News: जिला व महिला अस्पताल की टूटी खिड़की-दरवाजे कराए जा रहे ठीक, वार्डों में लगेंगे ब्लोअर

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जिला महिला अस्पताल में वार्ड का निरीक्षण कर ठंड से बचाव का जायजा लेते सीएमएस डॉ. अनिल कुमार संव
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बस्ती। कड़ाके की ठंड में भी बेहतर व्यवस्था न करने वाले सरकारी अस्पतालों की हुई पड़ताल में जो खामियां सामने आईं थीं उसे दुरुस्त कराया जा रहा है। अमर उजाला में 20 दिसंबर के अंक में प्रकाशित खबर अस्पताल की टूटी खिड़कियां दे रहीं तकलीफ को हवा के बाद स्वास्थ्य महकमा ने व्यवस्था सुधार में जुट गया है।
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जिला और महिला अस्पताल में मरीजों को ठंड से बचाने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। खिड़की और दरवाजों के टूटे शीशे सही कराए जा रहे हैं। वहीं मरीजों को गलन भरी ठंड से बचाव के लिए एक के बजाय दो-दो कंबल भी दिए जाने के लिए निर्देशित किया गया है। अलाव के भी पर्याप्त इंतजाम हैं। खबर छपने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों ने मामला संज्ञान में लिया।
महिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. अनिल कुमार ने शनिवार को सभी वार्डों का निरीक्षण किया। खिड़की व दरवाजों के टूटे शीशे को देखा। तत्काल शीशे लगवाने के लिए ठेकेदार को निर्देशित किया। इसके साथ ही वार्ड में 15 ब्लोअर लगाने के लिए डिमांड भेजे हैं। बताया कि ठंड से बचाव के लिए दो कंबल देने के लिए कहा गया है। जरूरत पड़ने पर तीन कंबल भी मरीज ले सकता है।
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रैन बसेरा में उचित प्रबंध किए गए हैं। डीएम को भेजी आख्या में सीएमएस ने कहा है कि खिड़की के टूटे शीशे पर पर्दा इसलिए डाला गया था, ताकि हवा प्रवेश न कर सके। लेकिन, जल्द ही शीशे लगवा दिए जाएंगे। कंबल पर्याप्त मात्रा में है।
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जिला अस्पताल के एआरटी सेंटर का टूटा शीशा होगा दुरुस्त
जिला अस्पताल के एआरटी सेंटर का टूटा शीशा भी दुरुस्त करेंगे। एसआईसी जिला अस्पताल डॉ. खालिद रिजवान अहमद की ओर से डीएम को भेजी गई आख्या में कहा गया है कि ठंड से बचाव के लिए सभी खिड़कियों को ढक और दुरुस्त करा दिया गया है। एआरटी सेंटर का शीशा अग्निशमन पाइप लाइन डालते समय ज्यादा टूट गया था, उसे जल्द ही ठीक करा दिया जाएगा। कंबल पर्याप्त संख्या में है, मरीज यदि दो कंबल चाहे तो ले सकता है, इसके लिए कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। नियमानुसार ब्लोअर की खरीद की जाएगी। ठंड से बचाव के अस्पताल में पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं। अलाव भी जलवाए जा रहे हैं। रैन बसेरे की सुविधा भी अलग-अलग है।
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