अस्पतालों में वायरल बुखार, खांसी-जुकाम के बढ़े मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सर्दी में शीतलहर लोगों की दिक्कतें बढ़ाने लगी है। सुबह और शाम के समय गलन भरी ठंड का अहसास हो रहा है। इससे जहां बुजुर्गों की दिक्कतें बढ़ गई हैं तो वहीं बच्चे और युवाओं पर भी इसका असर देखा जाने लगा है। वायरल बुखार, खांसी-जुकाम के मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। इसके अलावा दमा, अस्थमा व सांस लेने में दिक्कत के मरीज भी बढ़ गए हैं। चिकित्सक अस्थमा के मरीजों को सुबह-शाम बाहर न घूमने की सलाह दे रहे हैं।
पहाड़ों में हुई बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में शीतलहर का असर दिखाई दे रहा है। शीतलहर से सुबह-शाम लोग कंपकंपाने भी लगे हैं। शनिवार को पूरे दिन बूंदाबांदी होती रही। अधिकतम तापमान 22.1 डिग्री व न्यूनतम 12.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार ठंड बढ़ने के कारण सूर्योदय व सूर्यास्त के समय में भी काफी बदलाव देखने को मिल रहा है।
शीतलहर से अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल में पहले जहां 400 के करीब ओपीडी होती थी, वह बढ़कर सात सौ के पार चली गई है। इसमें अधिकतर खांसी, जुकाम, गले व सिर में दर्द और वायरल बुखार के मरीज शामिल हैं।
जिला अस्पताल का जनरल वार्ड इस तरह के मरीजों से फुल है। प्राइवेट वार्ड में भी मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। जबकि, मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली में भी मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है। ओपीडी में मेडिसिन विभाग में मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। एमडी डॉ. रजत पांडेय ने बताया कि मौसमी बीमारी से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। अधिक बुखार होने पर शरीर कमजोर पड़ जा रहा है। ऐसे मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। एक्यूआई में गिरावट न होने से सांस रोगियों की समस्या बढ़ गई है। शुद्ध पर्यावरण के चक्कर में सुबह-शाम टहलने के दौरान सांस लेने में कठिनाई हो रही है। दमा के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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तापमान में और गिरावट का अनुमान
मौसम विशेषज्ञ डाॅ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी। सर्दी बढ़ने के साथ धुंध भी रहेगी। इससे रोजमर्रा के कार्यों पर असर देखने को मिलेगा। सोमवार को अधिकतम तापमान 22 तो न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार हैं।