बस्ती। जिले में खोआ, पनीर, मसालों, नमकीन और चना-बेसन के बाद अब बोतलबंद पानी भी मानक पर खरा नहीं उतरा है। खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ से पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर और फ्लेवर वाटर की जांच में पानी का नमूना फेल आया है। पानी में कोलीफाॅर्म बैक्टीरिया पाया गया है जो पेट में संक्रमण का कारक माना जाता है।
पानी में कैल्शियम, मैग्नीशियम की भी मिली मात्रा कम है। बताया गया कि 10 फरवरी को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने बड़ेवन-बरगदवा स्थित एसएसबीटी फर्म से 250 एमएल बोतल बंद पानी का नमूना लिया गया था। 20 फरवरी को रिपोर्ट में आई, जिसमें नमूना फेल हो गया था। जिले में तीसरी बार पानी के सैंपल मानक पर खरे नहीं पाए गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार प्रतिष्ठान से बोतलबंद पानी का नमूना जांच के लिए भेजा था। एसएसबीटी ब्रांड के बोतल में कोलीफाॅर्म बैक्टीरिया मिला। विभाग ने फर्म संचालक को नोटिस जारी करते हुए बोतलबंद पानी की सप्लाई पर रोक लगाते हुए जवाब मांगा है। जवाब स्पष्ट न मिलने पर संबंधित पर कार्रवाई होगी।
बता दें कि जनपद में तीन बोतलबंद पानी में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मिल चुका है, जो मनुष्य के पेट के लिए घातक होते हैं। वहीं, सूत्रों के अनुसार, अब भी शहर में कई कंपनियों के पाउच और बोतल बंद मानक पर खरे नहीं हैं। इनकी पैकेजिंग पर आईएसआई मार्क और भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) लाइसेंस नंबर भी स्पष्ट रूप से अंकित नहीं होते हैं। यह पानी अनाधिकृत रूप से संचालित होटल-ढाबे और बिरयानी और अन्य पान-गुमटी में बिकते हैं। रेट भी उतना ही लेते हैं, जितना बड़े ब्रांड के पानी होते हैं।
-
तीन फर्म के पानी में मिल चुका है कोलीफॉर्म बैक्टीरिया
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने एएनएस फर्म कोड़रा पांडेय में जनवरी 2025 में छापेमारी कर बोतलबंद पानी का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा था। इसी दिन टीम ने आमकोइल महादेवा नेवारी में आरके एक्वा शोक ब्रांड के पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था। जांच में कोलीफार्म बैक्टीरिया मिला। बाद में दोबारा सैंपल की जांच हुई तो उसमें मरकरी मिला था। औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) ने बोतल बंद पानी की इन दो कंपनियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनके बोतल बंद पानी की बिक्री व सप्लाई पर रोक लगा चुकी है। वहीं सालभर पहले भी हर्रैया क्षेत्र से लिए गए एक बोतलबंद पानी का सैंपल फेल आया था, उसमें भी कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाया गया था। उस ब्रांड के पानी की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी।
-
जेली, क्रीम, मिक्स पाइनएप्प्ल केक असुरक्षित, बिक्री पर रोक
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने आवास विकास स्थित एक बेकरी पर छापेमारी कर ह्वीप टापिंग जेली, क्रीम, मिक्स पाइनएप्प्ल केक का नमूना एकत्र किया था। 16 फरवरी 2025 को जारी रिपोर्ट में केक को असुरक्षित बताया गया था। अब नौ फरवरी 2026 को सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड-टू चितरंजन कुमार सिंह की ओर से जारी रिपोर्ट में ह्वीप टापिंग जेली, क्रीम, मिक्स पाइनएप्प्ल केक के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध किया है। बिक्री करने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
-
कोलीफार्म बैक्टीरिया से पेट के संक्रमण का खतरा
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विजय तिवारी ने बताया कि कोलीफार्म बैक्टीरिया की मौजूदगी का मतलब है कि पानी दूषित है। इससे पानी पीने वाले व्यक्ति को पेट में संक्रमण, दस्त, उल्टी, टाइफाइड, हैजा, पीलिया (हेपेटाइटिस ए व ई) जैसे गंभीर रोग हो सकते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में यह संक्रमण और भी खतरनाक हो सकता है।
कोट
पानी से तमाम बीमारियां फैल रही हैं। ऐसे में समय-समय पर पानी के प्लांट की जांच की जा रही है। एक बोतलबंद पानी का सैंपल फेल आया है। संचालक को नोटिस जारी किया गया है। तत्काल प्रभाव से बिक्री पर रोक लगा दी गई है। जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे।
-चितरंजन कुमार सिंह, जिला अभिहित अधिकारी, बस्ती।