लावारिस नवजात को मिला मां का आंचल
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परशुरामपुर क्षेत्र के परसा-परशुरामपुर मार्ग पर पड़री कुंवर गांव के पास झाड़ी में नवजात बच्चा मिला। उधर से गुजर रहे रोहदा निवासी महंथ राम वर्मा के कान में बच्चे के रोने की आवाज पड़ी तो चौंक गए। इधर-उधर भी कोई नहीं दिखा, मगर झाड़ियों की ओर बढ़े तो धान के खेत के पास एक नवजात पड़ा मिला। उसका नाल भी नहीं काटा गया था। शरीर पर तमाम चींटियां व खरपतवार में लगने वाले कीड़े रेंग रहे थे। महंथ राम बच्चे को लेकर घर आए। रात में ही नाल कटवाया। उनकी पत्नी विमला देवी बच्चे को पाकर निहाल हो गईं।
इस दंपत्ति का कहना है कि अब यह भी उनके पांच बेटी और एक बेटे के जैसे उनकी ही संतान है। विमला देवी कहती हैं कि उनके छह नहीं अब सात संतान हैं। लोग महंथ राम और विमला देवी की संवेदना की तारीफ करते नहीं अघा रहे। वहीं उस कुमाता को लोग धिक्कार रहे हैं जिसने अपने बच्चे को झाड़ी के हवाले कर दिया।