फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएम मोदी ऋषि, अमित शाह हैं शांतिदूत : स्वतंत्र देव

विज्ञापन
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को सांसद की अगुवाइ में स्मृति चिह्न भेंट किया गया - फोटो : BASTI
विज्ञापन
बस्ती महोत्सव में बोले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, महोत्सव संस्कार का केंद्र
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। देशहित में निर्णय लेने वाला, समाज के अंतिम पायदान के लोगों की उन्नति के बारे में योजनाएं बनाने वाला कभी-कभी पैदा होता है। केंद्र सरकार की सर्वोच्च कुर्सी पर बैठा ऐसा व्यक्ति ऋषि के समान है। राज्यों में शांति के लिए दिनरात एक करने वाले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शांतिदूत हैं। यह कहना है भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह का।
राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में बस्ती महोत्सव के तीसरे दिन वे यहां बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। महोत्सव की परिभाषा बताते प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि महोत्सव संस्कार का केंद्र होता है। यहां सभी को पहुंचना चाहिए।
विज्ञापन

स्वतंत्र देव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र हित में सर्जिकल स्ट्राइक, अनु. 370, तीन तलाक खत्म करने का निर्णय लिया। रामजन्म भूमि पर कोर्ट के निर्णय के बाद प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाकर मुख्यमंत्री योगी ने सराहनीय कार्य किया। देश के गांवों में गरीब जनता के लिए पक्के मकान, रसोई गैस, बिजली, बीमारियों से बचाने के लिए शौचालय, पेंशन, किसानों को सम्मान निधि, बीमारी में पांच लाख तक आयुष्मान से इलाज देने का निर्णय पीएम ने लिया। वहीं प्रदेश की योगी सरकार ने भी गरीबों की खुशहाली में कई कार्य किए। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। यह वही व्यक्ति सोच सकता है जो राष्ट्र हित की बात करता हो। यह सब किसी ने किया तो मोदी और योगी ने।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को शांतिदूत बताते हुए कहा कि राज्यों में शांति व्यवस्था के लिए दिन रात सोचते हैं और आवश्यक निर्णय करते हैं। सबका साथ, सबका विकास के मूलमंत्र भाजपा सरकारें काम कर रही हैं। नागरिकता संशोधन कानून से देश का कोई भी मुसलमान प्रभावित नहीं होगा। सब बेखौफ होकर रहें।
विज्ञापन

परिवार की खुशहाली का दिया मंत्र
महोत्सव के मंच से परिवार की खुशहाली का मंत्र भी प्रदेश अध्यक्ष ने दिया। लोगों से अपील की अपील की कि दिन का कार्य खत्म हो तो सीधे घर जाएं। रोड या चौक चौराहों पर गपशप में समय न गवाएं। कम से कम पांच मिनट माता-पिता के पास रहें। उनकी सेवा करें। परिवार और बच्चों का ख्याल करें। किसी बच्चे से गुटका या सुर्ती न मंगाएं। पत्नी को आदर दें। अवकाश में यदि किचन संभाल लें तो परिवार में दोगुनी खुशी आएगी। यही भारतीय संस्कार है। वहीं यदि बड़े और पढ़े लिखे परिवार का एक भी सदस्य शराब का सेवन करता है तो परिवार बदहाल हो जाता है। कुमार्ग पर चलने पर महल खंडहर हो जाता है। बताया कि झोपड़ी से निकला बच्चा संस्कार के साथ पढ़ लिखकर आगे बढ़ता है तो हवेली खड़ी कर लेता है। ऐसे में बच्चों पर भी ध्यान दें। उसके विलंब से आने और पढ़ाई लिखाई पर भी टोकाटाकी व पूछताछ करते रहें। इससे बच्चे का सही विकास होगा। इस दौरान सांसद हरीश द्विवेदी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष महेश शुक्ल, विधायक रवी सोनकर, सीपी शुक्ल, अजय सिंह के अलावा डीएम आशुतोष निरंजन, एसपी हेमराज मीणा, सीडीओ आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें