बस्ती। सीएचसी-पीएचसी पर काम करने वाले चिकित्सकों और अन्य स्टॉफ का जनवरी-फरवरी 2026 का वेतन रुक सकता है। सीएमओ के निर्देश के बाद भी किसी सीएचसी और पीएचसी पर बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं लगाई गई है। शासन की सख्ती के बाद माना जा रहा है कि वेतन भुगतान पर रोक लग सकती है।
सीएमओ डॉ. राजीव निगम का कहना है कि 18 दिसंबर को पत्र लिखकर सभी अधीक्षक व प्रभारी चिकित्साधिकारी सीएचसी-पीएचसी को बायोमैट्रिक हाजिरी सुनिश्चित कराने के लिए निर्देशित किया जा चुका है। प्रत्येक माह आहरित होने वाले वेतन व मानदेय के बिल के भुगतान के लिए बिल के साथ बायोमैट्रिक हाजिरी अनिवार्य रूप से संलग्न किया जाना है, अन्यथा भुगतान नहीं किया जाएगा। लंबे समय से शासन को लगातार यह शिकायत मिल रही थी कि सीएचसी व पीएचसी पर तैनात चिकित्सक व स्टॉफ में से अधिकांश समय से ड्यूटी पर नहीं पहुंचते हैं।
समय से पहले ही अस्पताल छोड़ देते हैं। कुछ स्टॉफ तो बिना ड्यूटी पर गए ही वेतन ले रहे हैं। इसमें चिकित्सक व अन्य स्टाफ शामिल हैं। इससे जहां एक ओर विभाग की छवि खराब होती है, वहीं आम लोगों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता है। इसे देखते हुए शासन ने जनवरी 2026 से बायोमैट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दिया है। पहली जनवरी से इसे सख्ती से लागू भी कर दिया गया। जिले में इसके नोडल एसीएमओ डॉ. एके गुप्ता को बनाया गया है। सभी सीएचसी व पीएचसी को पत्र लिखकर इस पर सख्ती के साथ अमल कराने का निर्देश दिया गया। अब जबकि जनवरी माह समाप्त हो चुका है और फरवरी चालू है, ऐसे में स्टॉफ का वेतन भुगतान होने में संकट खड़ा हो सकता है। मालूम हो रहा है कि किसी सीएचसी व पीएचसी पर बायोमैट्रिक हाजिरी की व्यवस्था ही नहीं कराई गई है। अगर शासन के निर्देश का सख्ती से पालन हुआ तो सभी स्टॉफ का वेतन रुक सकता है।