विक्रमजोत। घाघरा के कटान पर कंट्रोल नहीं होने से भाकियू का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। बृहस्पतिवार से धरना दे रहे कार्यकर्ता शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंच गए। जाम लगाने की कोशिश की।
केंद्रीय जल आयोग कार्यालय अयोध्या के अनुसार नदी बृहस्पतिवार को खतरे के निशान से नौ सेमी. ऊपर 92:820 मीटर पर बह रही थी जो शुक्रवार को 92:840 मीटर पर पहुंच गई। नदी ने लोलपुर विक्रमजोत बांध के दोनों किनारों पर कल्याणपुर, भरथापुर, रानीपुर,कठवनिया के बाग-बगीचों में भीषण कटान कर रही है।
प्राथमिक विद्यालय कल्याणपुर के बिल्कुल सटकर बह रही नदी से आबादी क्षेत्र के सामने अनियंत्रित कटान जोरों पर है जिसको रोक पाना बाढ़ कार्य खंड विभाग के बस में नहीं लग रहा है। बांध के ठोकर नंबर एक पर कटान नियंत्रण में है परंतु बिना बांध वाले गांवों में कटान तेज है।
अक्सर नदी के घटने बढ़ने का क्रम से कटान को और भी सहायता मिल जाती है जो कि बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए लखनऊ से मुंडेरीपुर बांध पर दूसरी बार पहुंचे प्रमुख अभियंता शासन सीडी राम, मुख्य अभियन्ता आरपी यादव, अधीक्षण अभियंता डीके यादव, अधिशासी अभियंता राजीव कुमार सिंह सहित जेई ज्ञानप्रकाश जायसवाल, दयाशंकर सिंह ने बचाव राहत कार्यों का हाल जाना और आवश्यक निर्देश दिया।
बचाव के सुस्त उपाय से गुस्याए भाकियू
घाघरा के भीषण कटान और बचाव के सुस्त उपाय से गुस्साए भाकियू नेताओं ने अनिश्चित कालीन पंचायत के तीन दिन बाद एसडीएम हरिश्चन्द सिंह को ज्ञापन देकर समाप्त किया। शुक्रवार सुबह से ही भारतीय किसान यूनियन से जुड़े महिला, पुरुष और बच्चे ट्रैक्टर ट्रॉलियों से लदकर पहुंचने लगे।
दोपहर तक अधिकारियों का इंतजार के बाद सैकड़ों कार्यकर्ता हाईवे जाम करने के लिए कूच कर दिए। मौके पर पहुंचे एसडीएम हर्रैया हरिश्चन्द्र सिंह, सीओ कृष्ण मुरारी, एसओ छावनी अनिल सिंह, एसओ परशरामपुर निर्भयनारायण सिहं पुलिस बल के साथ रास्ते में रोक लिया।
काफी समझाने बुझाने के बाद ज्ञापन लेकर वापस भेजा। बांध पर तत्काल बोल्डर, ईंट, राहत सामग्री, पहुंचाने का कार्य शुरू कराया गया। अफसरों ने कहा कि किसी भी हालत में गांव को नहीं काटने दिया जाएगा।
कल्याणपुर, भरथापुर में बाढ़ से बचाव कार्य बंद हो जाने से भारतीय किसान यूनियन ने मांग की थी कि उक्त गांवों में तत्काल बचाव राहत सामग्री पहुंचने व कटान स्थल व ठोकरों पर मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो हाइवे जाम करेंगे। प्रदर्शन में तहसील अध्यक्ष राम चंदर सिंह, फूल चन्द तिवारी, द्वारिका नाथ पांडेय, वंशराज शर्मा के साथ सैकड़ों ग्रामीण भी मौजूद रहे।