बस्ती। अपने रंगों से आकर्षित करने वाले बूंदी के लड्डू खाने से पहले सावधान हो जाइए, क्योंकि इसका रंग आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। इसमें सिंथेटिक कलर मिलाए जा रहे हैं। चिकित्सकों की मानें तो सिंथेटिक कलर वाले मिठाई खाने से लिवर और किडनी दोनों डैमेज हो सकती है।
खोआ-पनीर में मिलावट के बाद अब बूंदी वाले लड्डू में मिलावट की खबर से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग चौकन्ना हो गया है। जिला अभिहित अधिकारी चितरंजन सिंह का कहना है कि मिलावट के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। बूंदी के 10 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं, मगर रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
सूत्र बताते हैं कि जिले में कानपुर से थोक में रेडीमेड बूंदी की आपूर्ति होती है। नवाबगंज और लखनऊ से भी बूंदी आती है। जिले में कई मिठाई की दुकानों पर कानपुर से टूटे चावल के आटा और मैदा के घोल से बनी बूंदी को लाकर लड्डू तैयार किया जा रहा है। जानकार बताते हैं कि बूंदी की लड्डू बनाने में घटिया पाम ऑयल, रिफाइन और वनस्पति घी इस्तेमाल की जा रही है।
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सहालग में रोजाना 50 टन बूंदी की लड्डू की खपत
बूंदी से बने लड्डू की खपत सहालग में रोजाना 50 टन के करीब है। सूत्रों के अनुसार, कानपुर से बड़ी मात्रा में खोआ और बूंदी भेजी जा रही है। कानपुर में तैयार की गई बूंदी बोरी में भरकर आती है। इसमें बेसन की जगह मिलावटी रंग और केमिकल मिलाए जाते हैं। टाट्राजीन, लाल और पीला सिंथेटिक कलर साथ ही प्रिजरवेटिव मिलाकर इसे लंबे समय तक खराब होने से बचाया जाता है। इस बूंदी की कीमत मात्र 70 रुपये किलो होती है, जिसे स्थानीय दुकानदार शीरे में डालकर लड्डू तैयार कर देते हैं और 150 से 200 रुपये किलो तक बेचते हैं।
पाचन तंत्र पर पड़ता है सीधा असर
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी का कहना है कि सिंथेटिक कलर जैसे टाट्राजीन और मेटानिल येलो, जिनका प्रयोग मिलावटी बूंदी और लड्डुओं में होता है, शरीर के लिए जहरीले होते हैं। यह रंग धीरे-धीरे लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं। लंबे समय तक सेवन करने पर कैंसर का खतरा भी बढ़ा देते हैं। इसके अलावा मिठाइयों में मिलाए गए प्रिजरवेटिव और सस्ते तेल पाचन तंत्र पर असर डालते हैं। बच्चों और बुजुर्गों को अक्सर दस्त, पेट दर्द और एलर्जी की समस्या हो जाती है।
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कोट
मिलावट के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। शिकायत मिलने पर बूंदी के लड्डू के 10 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। फिलहाल रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होते संबंधित दुकानदार पर कार्रवाई की जाएगी।
-चितरंजन सिंह, जिला अभिहित अधिकारी