नलकूप खराब होने से किसान परेशान
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ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए प्रशासन ने पशु और पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करने की योजना बनाई है। इसके लिए सभी राजकीय नलकूपों के आसपास या नलकूप के निकट ग्राम सभा की भूमि पर 150 से 250 वर्ग फिट में पानी को संचित करने के लिए गड्ढे का निर्माण कराने का निर्णय लिया है।
जिले में 586 राजकीय नलकूप हैं। इतना ही नहीं ग्राम सभा के तालाबों के पानी के जल स्तर का स्थिर करने के लिए उसे नलकूप के ड्रेन से भी जोड़ने का प्लान है। इस योजना का क्रियान्वयन मनरेगा के धन से होगा। इस मामले में डीएम नरेंद्र सिंह पटेल ने एक्सईएन नलकूप खंड को योजना शुरू करने का निर्देश दिया है। जिन ग्राम सभाओं और नलकूपों के किनारे पानी पीने के लिए गड्ढों का निर्माण होगा उसकी सूचना प्रारूप पर मांगी गई है।
ग्रीष्म ऋतु में सबसे अधिक समस्या पशु-पक्षियों को पानी पीने की होती है। अधिकतर तालाबों में पर्याप्त जल न रहने से पशु और पक्षियों के सामने पानी का संकट खड़ा हो जाता है। स्थानीय प्रशासन की ओर से इसकी व्यवस्था करने की योजना बनाई गई है।
अगर इस योजना को पूरी तरह अमल में लाया गया तो इस बार पड़ने वाली भीषण गर्मी में पशु और पक्षियों के लिए पानी का संकट नहीं होगा। सभी बीडीओ को कार्ययोजना तैयार कर उसे प्राथमिकता के आधार पर अमलीजामा पहनाना है। इस योजना में न सिर्फ नलकूपों के आसपास गड्ढे का निर्माण करना है, बल्कि ग्राम सभाओं में जो तालाब हैं, उनमें जल स्तर बनाए रखने के लिए उसको नलकूप के ड्रेन से जोड़ा जाएगा, ताकि नलकूप के जरिए तालाबों में पानी जा सके।