बस्ती रेलवे स्टेशन के प्लेटफाॅर्म पर ट्रेन का इंतजार कर रही मां के साथ मौजूद छह वर्ष की मासूम को भिखारन ने भीख मंगवाने के लिए अपहृत कर लिया। सूचना पर सक्रिय जीआरपी टीम ने 10 घंटे के भीतर ओड़वारा स्टेशन से भिखरन को गिरफ्तार किया। उसके चंगुल से बालिका को मुक्त करवाकर उसकी मां को सौंप दिया। पूछताछ में आरोपी भिखारन ने बताया कि वह भीख मांग कर जीवन निर्वाह करती है। इस बालिका को भी इसी काम में लगाने के लिए अपहृत करके ले गई थी। अगर कोई खरीदार मिलता तो रुपये लेकर बेच भी देती।
जानकारी के अनुसार, बलरामपुर जिले के तुलसीपुर थानाक्षेत्र के गनवरिया कर्बला निवासी सलीमुन्निशा ने बृहस्पतिवार को घर से अपने दो साल के बच्चे का इलाज कराने के लिये गोण्डा आयी थी। साथ में उसकी छह साल की लड़की मंतसा भी थी। वापसी में गोंडा रेलवे स्टेशन पर तुलसीपुर की ट्रेन में बैठने के बजाए सलीमुन्निशा गोरखपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में बैठ गई।
बस्ती पहुंचने पर उसे भूल का एहसास हुआ तो वह बच्चों को लेकर रात 09.40 मिनट पर ट्रेन से उतर गई। प्लेटफार्म नंबर चार और पांच के बीच बेंच पर बैठकर वह दूसरी ट्रेन आने का इंतजार करने लगी। सलीमुन्निशा के अनुसार रात करीब साढ़े 10 बजे एक महिला भिखारी पहुंच गई। उसने मां से बातचीत करने के दौरान बालिका को पेशाब कराने के बहाने साथ लेकर गई और गायब हो गई। कुछ देर इंतजार करने के बाद सलीमुन्निशा ने जीआरपी को सूचित किया।
एसएचओ अरविन्द कुमार शर्मा ने बताया कि तत्काल केस दर्ज कर एसआई राकेश शर्मा, हेड कांस्टेबल दिनेश यादव, राजेश वर्मा, देवेन्द्र प्रताप सिंह व विजय कुमार यादव, साधना यादव की टीम बनाकर खोजबीन शुरू की गई। इस बीच भिखारन बालिका को लेकर ओड़वारा रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तरीकों के जरिए उसके ओड़वारा में मौजूद होने की जानकारी मिली। टीम ने ओड़वारा स्टेशन पहुंचकर बालिका के साथ मौजूद आरोपी संजू (नट) निवासी बसंतपुर थाना शोहरतगढ जनपद सिद्दार्थनगर हाल मुकाम खपड़हवा खम्हरिया थाना खोडारे जनपद गोंडा को गिरफ्तार कर लिया।