संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सर्दी के मौसम में कम पानी पी रहे हैं तो सतर्क हो जाएं। पेट की बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। जिला अस्पताल के परामर्श चिकित्सकों के पास ज्यादातर मरीज पेट संबंधित पीड़ा को लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सक मरीजों को ठंड से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दे रहे हैं।
सर्दी की वजह से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या घट गई है। 15 दिन पहले तक 800 से 1000 तक मरीजों की ओपीडी होती थी, वह घटकर 400 से 500 तक सिमट गई है। मगर, इन दिनों पेट के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। परामर्श चिकित्सकों की ओपीडी में 30 से 40 फीसदी मरीज गैस, एसीडीटी, पेटदर्द और अन्य पेट की समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों ने जांच में पाया की ज्यादातर मरीजों ने पानी कम पीया। इससे वह पेट संबंधी समस्या के शिकार हो रहे हैं।
परामर्श चिकित्सक डॉ. अंकित कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि ठंड के मौसम में पानी छूने पर सर्दी का अहसास होता है। शरीर का तापमान कम होने से प्यास कम लगती है। लिहाजा, लोग पानी कम पीते हैंं। भोजन करने के बाद भी कम पानी पीते हैं।
मरीज राजेश कसौधन पेट की समस्या को लेकर चिकित्सक के पास पहंचे। उन्होंने बताया कि प्यास नहीं लगती है। डॉ. चतुर्वेदी ने दवा लिखने के साथ बताया कि दिन में आठ से 10 गिलास पानी पीना जरूरी है। सुबह गुनगुना पानी पीना बेहतर होता है। इससे लीवर और गुर्दे पर दबाव कम पड़ता है।
परामर्श चिकित्सक डॉ. रामजी सोनी ने कहा कि इन दिनों पेट संबंधी समस्याओं का लेकर आने वाले मरीजों की संख्या 30 फीसदी से अधिक है। पेट संबंधी बीमारियों का एक प्रमुख कारण है पानी कम पीना। जाड़े में प्यास कम लगती है।
ऐसे मे लोग पर्याप्त पानी नहीं पी पाते। वह गैस, पेट दर्द समेत अन्य पेट के रोगों के शिकार हो रहे है। ऐसे में सतर्क रहने की जरूरत है। दिन में पर्याप्त मात्रा में पानी पीए। सुबह के समय गुनगुना पानी पीएं।