मौनी अमावस्या पर स्नान, दान कर पितरों का किया पूजन
बस्ती। मौनी अमावस्या पर बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं ने स्नान, दान कर पितरों की पूजा भी की। जिले के सरयू, कुआनो, मनवर के घाटों पर स्नान करने के लिए लोग पहुंचे।
मान्यता है कि ऐसा करने से पाप का क्षय और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ती है। बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार, सरयू नदी के नौरहनी और मैंदी घाट पर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाकर अन्न का दान किया। गोदान भी किया। घाट पर भोर में तीन बजे से ही श्रद्धालुओं के पहुंचना का सिलसिला शुरू हो गया। कुदरहा प्रतिनिधि के अनुसार, सरयू नदी के नौरहनी और पिपरपाती घाट पर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई।
नौरहनी में मेले का भी आयोजन किया गया। परसांव निवासी पं. सुशील मिश्र ने बताया कि मौनी अमावस्या पर स्नान के बाद अन्न और गोदान से पापों का नाश होता है। कलवारी प्रतिनिधि के अनुसार, सरयू नदी के माझाखुर्द घाट पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। इसमें क्षेत्र के चकदहा, खखोड़ा, माझा खुर्द, धोबहट, कलवारी, फूलपुर, गौसपुर, भेड़िहा, फेटवा, दौलतचक, बेनीपुर, भोयर सहित कई गांवों ने लोग पहुंचे। स्नान के बाद माता सरयू को पूड़ी-लप्सी चढ़ाई गई। श्रद्धालुओं सत्यनारायण का कथा सुनकर प्रसाद वितरित किया।
परशुरामपुर ब्लॉक क्षेत्र के मखौड़ा धाम मंदिर में मौनी अमावस्या पर वृहस्पतिवार को भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे का आयोजन प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार सिंह, शिव कुमार सोनकर, बसंत गुप्ता, विजय कुमार के सहयोग से आयोजित किया गया। मौके पर अयोध्या के महंत बिंदु गद्दाचार्य देवेंद्र प्रसादाचार्य, पुजारी सूर्य नारायण वैदिक आदि मौजूद रहे।