बस्ती। बहुप्रतीक्षित परियोजना बस्ती-पीलीभीत मार्ग चौड़ीकरण के कार्यों में तेजी आई है। वन विभाग और पीडब्ल्यूडी के आपसी समन्वय स्थापित होने के बाद खुदाई कार्य की रफ्तार बढ़ी है। इससे उम्मीद है कि जल्द ही इस मार्ग पर छोटे-बड़े वाहन आसानी से फर्राटा भर सकेंगे, अभी सिर्फ 12 किमी. सड़क चौड़ी हुई, वहां पर वाहनों को आने-जाने में सहूलियत हो रही, मगर, उसके आगे सांसत है।
पीलीभीत को जोड़ने वाली सड़क बस्ती-डुमरियागंज के चौड़ीकरण कार्य की शुरूआत से ही अड़चन आ गई थी। तकनीकी मामला उलझने से इस मार्ग का निर्माण अभी तक पूर्ण नहीं हो पाया है। इसमें कभी वन विभाग के जमीन-पेड़ की अड़चन तो कभी बिजली पोल शिफ्टिंग कार्य स्लो होने से कार्य की गति नहीं बढ़ पा रही थी। इससे जिस मार्ग का चौड़ीकरण अप्रैल 2026 तक पूरा होना था, मबर अभी सिर्फ 12 किलोमीटर ही सड़क बन सकी है। आगे का कार्य अवरोध होने के चलते बार-बार रुक जा रहा था।
हालांकि, अब बाधा दूर होने के चलते पीडब्ल्यूडी ने कार्य तेज किया है, मगर जहां खुदाई चल रही है, बीच-बीच में बिजली पोल और पेड़ अभी भी अवरोध डाल रहे हैं, जबकि वन विभाग और बिजली निगम दोनों को पेड़ कटाई और पोल शिफ्टिंग के लिए बजट जारी कर दिया गया है, बावजूद इसमें ढिलाई बरती जा रही, जिससे पीडब्ल्यूडी को परेशानी हो रही है। बता दें कि बस्ती से सिद्धार्थनगर जनपद सीमा तक कुल 50 किमी. में चौड़ीकरण कार्य होना है। इसमें बस्ती पीडब्लयूडी को 35 किमी. सड़क बनानी है, जबकि सिद्धार्थनगर खंड को 15 किमी. सड़क चौड़ी करनी है।
इस पर करीब 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। यह सड़क सात से 12 मीटर चौड़ी हो रही है। इससे आसानी से राहगीर फर्राटा भर सकेंगे। विभाग के अनुसार, अप्रैल 2025 में सड़क निर्माण प्रारंभ हुआ था, जिसे सालभर यानी अप्रैल 2026 में पूरा करके देना था, मगर बीच-बीच में अड़चन के चलते पांच से छह माह इस कार्य में विलंब हुआ है।
मुआवजा व भूमि मिली, पेड़ कटाने में बरत रहे ढिलाई : सड़क चौड़ीकरण की जद में आए पेड़ का मुआवजा और जमीन पीडब्ल्यूडी की ओर से वन विभाग दिया जा चुका है। बाजवूद इसके चिह्नित पेड़ को वन विभाग नहीं काट रहा है, इससे बार-बार मशीन को खुदाई से रोकना पड़ रहा है या फिर उस जगह को छोड़कर आगे की खुदाई करनी पड़ रही है। बताते हैं कि 1288 पेड़ प्रभावित हो रहे हैं। बताया गया कि अब तक पांच किमी. में ही पेड़ की कटाई किए हैं, जबकि 30 किमी. में चिह्नित पेड़ वैसे ही हैं।