मुंडेरवा। कस्बे का उप डाकघर जर्जर हो चुके भवन में संचालित हो रहा है। यहां प्रतिदिन 250 से 300 उपभोक्ता विभिन्न कामों के साथ आधार बनवाने के लिए आते हैं। उप डाकघर में छह कर्मचारी भी काम कर रहे हैं, जिससे इनकी जान जोखिम में है। उप डाकघर का टर्न ओवर प्रतिमाह तीन करोड़ रुपये से अधिक है। इसके बाद भी जिम्मेदार इनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं। मुंडेरवा नगर पंचायत में स्थित उप डाकघर का भवन मुंडेरवा चीनी मिल परिसर के बाहर कस्बे की मुख्य सड़क पर बना हुआ है। इस उप डाकघर का भवन मुंडेरवा शुगर मिल के मालिक स्व. हरिहर नायक ने 1932 में मुंडेरवा शुगर मिल के निर्माण के दौरान ही बनवाया था। उन्होंने यह भवन डाक विभाग को निशुल्क दिया था। तब से लेकर आज तक इसी भवन में उप डाकघर का काम चल रहा है।
1999 में चीनी मिल बंद होने के बाद भवन की मरम्मत और रख रखाव कार्य नहीं होने से इसकी दीवार से लेकर छत तक जर्जर हो चुकी है। स्थिति ये है कि भवन में बारिश के दौरान पानी टपकता है। कर्मचारियों को कंप्यूटर और अन्य सामान बचाने के लिए प्लास्टिक की पन्नी लगा कर काम करना पड़ता है।