कप्तानगंज। मनोज मणि त्रिपाठी हत्याकांड को सुलझाने के लिए पुलिस ने धड़पकड़ तेज कर दिया है। घटना में शामिल दो आरोपियों की गिरफ्तारी करके अब पुलिस तीसरे आरोपी की तलाश में जुट गई हैं। फरार तीसरा आरोपी की घटना में महत्वपूर्ण योगदान रहा हैं। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी करने के लिए उसके पैतृक गांव फरेंदा सेंगर में पुलिस टीम के पहुंचने के पहले ही पूरा परिवार घर में ताला लगाकर फरार हो गया है।
एसओजी एवं कप्तानगंज पुलिस टीमे तीसरे हत्यारोपी की तलाश में अब तक जिले भर में दर्जनों गांवों में छापेमारी कर चुकी हैं। सूत्रों की माने तो फरार तीसरा आरोपी ही मास्टरमाइंड शिवम अग्रहरि का सबसे करीबी है। उसी के सहयोग से मनोज मणि त्रिपाठी हत्याकांड को अंजाम दिया गया। उसके द्वारा ही हत्या का पूरा प्लान रचा गया था। बता दें कि रविवार को करचोलिया गांव के समय माता के मंदिर के निकट ग्रामीणों ने एक युवक के शव को देखा था। जिसकी पहचान कप्तानगंज थाना क्षेत्र के मस्जिदिया गांव के रहने वाले मनोज मणि त्रिपाठी के रूप में हुई थी।
वह बुधईपुर चौराहे पर किराने की दुकान चलाकर अपने परिवार का गुजारा करते थे। शनिवार की रात 9:30 बजे एक पिकअप लेकर कुछ लोग आए और उनके साथ मनोज मणि त्रिपाठी दुबौला की तरफ चले गए थे। उसके बाद पत्नी ने फोन किया तो बोले तुम खाना खा लो मैं होटल में खाना खाकर आऊंगा। उसके बाद मोबाइल बंद हो गया। वीडियो कॉल करने के बाद भी फोन नही उठा।
पत्नी कुमकुम त्रिपाठी के मुताबिक शनिवार की रात 9:30 बजे एक पिकअप लेकर कुछ लोग आए और उनके साथ मनोज मणि त्रिपाठी दुबौला की तरफ चले गए थे। रविवार की भोर में करचोलिया गांव के समय माता के मंदिर के निकट ग्रामीणों ने एक युवक के शव को देखा। ग्रामीणों ने नजदीक जाकर देखा तो युवक का गला धारदार हथियार से रेता हुआ था। घटना से कुछ ही देर में पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
पत्नी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। तीसरे आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है। एसओ आलोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तीसरे हत्यारोपी की तलाश के लिए टीमें लगी हुई हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।