बस्ती महोत्सव में गजल प्रस्तुत करतीं पीनाज मसानी।
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पीनाज मसानी की गजलों में खो गए लोग
बस्ती। राजकीय इंटर कॉलेज में बस्ती महोत्सव के आखिरी रात गजल की महफिल सजी। देश की मशहूर गजल गायिका पीनाज मसानी ने गणेश वंदना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। जिसके बाद मसानी ने फलक पर चांद खिला चांदनी सी बिखरी है... प्रस्तुत कर गजल का जादू बिखेरा।
पीनाज की गजलों में लोग खो गए। जिसके बाद उन्होंने एक से बड़कर एक प्रस्तुति देकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पीनाज ने गजल को जिंदगी बताते हुए दिल के आइने में यादों की चांदनी सी दिखी है... जैसे ही प्रस्तुत किया, लोगों की तालियों से पूरा पंडाल गूंज उठा। जिसके बाद उन्होंने तुम हमेशा ही मेरी नजर में हो... सुनाया। तबले की थाप व हारमोनियम की धुन फिजा में गजब की मिठामस घोल रही थी। शनिवार की रात मानों गजल प्रेमियों के लिए सौगात लेकर आई हो। गजल के तलबगार देर रात तक मसानी की गजलों को सुनते रहे। हालांकि रात्रि लगभग 11.30 बजे के बाद पीनाज का कार्यक्रम शुरू हुआ। लंबे इंतजार के बाद जब लोगों ने पीनाज को स्टेज पर देखा तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। सभी ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।
मंच पर ‘भगवान’ का दर्शन कर धन्य हुए लोग
महोत्सव मंच पर भगवान विष्णु के दशावतार पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई। जिसमें दिखाया गया कि जब-जब धरती पर पाप बढ़ता है, तब-तब भगवान अनेक रूप में जन्म लेते हैं। इस बीच लोगों ने दशावतार के रूप में भगवान विष्णु के कल्कि अवतार का दर्शन किया।