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Basti News: बस्ती-कांटे मार्ग होगा फोरलेन, जाम से मिलेगी राहत

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बस्ती-कांटे मार्ग के रोडवेज तिराहा पर अक्सर लगता है जाम संवाद
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बस्ती। शहर के मुख्य मार्ग में शुमार बस्ती-कांटे मार्ग के चौड़ीकरण की कवायद फिर से शुरू हो गई है। शहर के दक्षिण छोर कुआनो अमहट पुल से मुख्य शहर गांधीनगर पक्के बाजार, रोडवेज, अस्पताल चौराहा होते हुए उत्तरी छोर प्लास्टिक कांप्लेक्स तक भीड़ और जाम से मुक्ति के लिए यह मार्ग फोरलेन में तब्दील होगा। इसकी कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजा गया है। बताया गया कि कार्ययोजना में यह सड़क प्रथम पायदान पर है, ऐसे में जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
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चालू सत्र में फिर से तकनीकी खामियों को दूर करते हुए सड़क को कार्ययोजना में शामिल किया गया है। इससे लोगों को उम्मीद है कि चालू सत्र में शहरवासियों की आस पूरी होगी। बस्ती-कांटे मार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया दो साल पहले शुरू हुई थी। शहरी क्षेत्र में इस सड़क को बड़ेवन-कंपनीबा की तरह फोरलेन बनाया जाएगा। अमहट से कंपनीबाग, गांधीनगर, रोडवेज, अस्पताल चौराहा होते हुए प्लास्टिक कांप्लेक्स तक यह सड़क 21 मीटर चौड़ी किए जाने की तैयारी है। इसमें 18 मीटर चौड़ी सड़क, ड्रेनेज सिस्टम और डिवाइडर भी होगा।
इसके बाद प्लॉस्टिक कांप्लेक्स से आगे कांटे तक 16 किलोमीटर लंबाई में यह सड़क टू-लेन में तब्दील होगी। इसके लिए पूर्व में जो प्रस्ताव भेजा गया, उसमें आपत्ति लग गई थी। बाद में फिर प्रस्ताव भेजा गया। सदर विधानसभा क्षेत्र से जो कार्ययोजना भेजी गई थी, उसमें भी इस सड़क का जिक्र किया गया था। मगर, शासन स्तर पर बीते वित्तीय साल में मुहर नहीं लग सकी थी।
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चालू सत्र शुरू होने के बाद विभाग ने फिर से तकनीकी दिक्कतों को दूर करते हुए सड़क को कार्ययोजना में शामिल कर लिया है और मंजूरी के लिए शासन में भेजा है। इस बार उम्मीद है कि सड़क पर सहमति बन जाएगी और शहरवासियों को एक और फोरलेन मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। माना जा रहा है कि, यदि सहमति बनी तो रोडवेज पर फ्लाईओवर भी बन सकेगा, इससे जाम से काफी हद तक निजात मिल सकेगा।
24 किमी. लंबी सड़क पर 35 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद : शहरी क्षेत्र में अमहट से प्लास्टिक कांप्लेक्स तक की सड़क आठ किमी लंबाई में सबसे लंबी फोरलेन सड़क होगी। इसकी लागत भी अधिक है। कुल, 24 किलोमीटर लंबाई में इस सड़क को बनाने के लिए 135 करोड़ रुपये लागत का अनुमान कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी ने लगाया है। सर्वे कार्य के दौरान 21 मीटर चौड़ाई के दायरे में आने वाले स्थायी या अस्थायी निर्माण अतिक्रमण की श्रेणी में रखे जा रहे हैं। विभाग का मानना है कि यह सड़क की जमीन है। ऐसे में सड़क बनने से पूर्व कटरा की तरह इसे भी तोड़कर समाप्त कर दिया जाएगा। सड़क चौड़ीकरण के लिए पूर्व में आयुक्त बस्ती मंडल और डीएम बस्ती भी शासन में पत्राचार कर चुके हैं।
विभिन्न विभागों से मिल चुकी थी सर्वे रिपोर्ट : कार्यदायी एजेंसी पीडब्ल्यूडी ने सड़क चौड़ीकरण के लिए सर्वे कराया था। विभिन्न विभागों ने सर्वे कर रिपोर्ट दे दी थी, जिसमें चौड़ीकरण के लिए पर्याप्त भूमि का होना बताया गया है। बिजली के खंभे, तार, ट्रांसफाॅर्मर को सड़क के दायरे से बाहर शिफ्ट कराने के लिए बिजली निगम ने भी सर्वे कर लिया है। संबंधित विभाग इस कार्य के लिए अनुमानित खर्च का ब्योरा भी प्रस्तुत कर चुके हैं। इसी तरह वन विभाग की टीम रास्ते में पड़ने वाले पेड़ काटने के लिए और सड़क बनने के बाद नई हरियाली पनपाने का सर्वे कर चुकी है। जल निगम पुरानी पाइपलाइन को स्थानांतरित करने के लिए सर्वे करवाया था। कई विभागों ने कार्य भी शुरू कर दी है, ताकि मंजूरी मिलने के बाद निर्माण के दौरान कोई बाधा न हो।
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