यूएफबीयूके की अपील पर मंगलवार को सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। बैंकों की शाखाओं में ताला लगा नारेबाजी की। विरोध स्वरूप धरना दिया। बैंक बंद होने से उपभोक्ता परेशान रहे। सबसे अधिक व्यापारियों को बैंक बंदी का सामना करना पड़ा। इसे लेकर कारोबारियों ने रोष व्यक्त किया।
अवकाश और चुनाव के चलते पिछले पांच दिन बैंक बंद रहा। पांच दिन बाद जब बैंक खुला तो लोग बैंकों में जुटना शुरू कर दिए, मगर बैंकों में ताला बंद देख लोगों को बहुत ही मायूसी हुई। क्षेत्रीय सचिव सुनील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार को अखिल भारतीय बैंक हड़ताल रहा। बताया कि जिन मांगों को लेकर कर्मचारी हड़ताल में रहे उनमें कर्मचारियों और अधिकारियों को विमुद्रीकरण कार्य के दौरान अतिरिक्त घंटे में किए गए कार्य का भुगतान करना, पेमेंट आफ ग्रेच्युटी एक्ट के तहत उपादान की सीमा को हटाना, अवकाश नकदीकरण के सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयकर से छूट करना, बैंक कर्मचारियों के लिए अगले वेतन पुनरीक्षण प्रक्रिया को शुरू करना, कर्मकार एवं अधिकारी निदेशकों की सभी बैंकों में त्वरित नियुक्ति करना सहित अन्य मांग शामिल है। बैठक हुई जिसमें मांगों को लेकर चर्चा हुई और बैंक व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई गई। इस मौके पर केआईपी सिंह, अंकित चौधरी, घनश्याम दुबे, विनीत शर्मा, आलोक जायसवाल, आलोक रंजन मिश्र, अमित शुक्ल, उमेश सिंह, नरसिंह प्रसाद, ओबैदुर्रहमान, नितिन तिवारी, आरएस मिश्र, सलीम जावेद, जीएम खान, हमीदुल्लाह, अयूब अहमद, जेड यू खान, सतीशचंद्र पांडेय, जीपी श्रीवास्तव, डीएन गुप्त, एएच खान, उमेश प्रजापति व मल्ल सहित अन्य मौजूद रहे।