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पूर्वांचल बैंकों की हालत में सुधार नहीं

Mon, 16 Jan 2017 11:43 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
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पूर्वाचल बैंक गनेशुपर मे रूपया निकालने के लिए लगी भीड़।
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नोटबंदी के बाद शहरी क्षेत्र में तो हालात सामान्य हो गए, मगर अभी भी ग्रामीण क्षेत्र में समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्र में सर्वाधिक शाखाएं पूर्वांचल बैंक की हैं, जिनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इनमें सप्ताह में एक या अधिकतम दो बार ही रकम का भुगतान होता है, वह भी केवल दो हजार रुपये।
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 नोटबंदी के बाद से अब शहरी क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो चुकी है। एसबीआई, सेंट्रल बैंक, पीएनबी, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई व यूनियन सहित अन्य बैंक अपने ग्राहकों को सप्ताह में निर्धारित 24 हजार रुपये का भुगतान कर रहे हैं। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी कई बैंक की शाखाओं में निर्धारित धनराशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। 10 जनवरी को कप्तानगंज स्थित एसबीआई की शाखा में भुगतान न होने से  एक परिवार नेशनल हाइवे पर लेटना पड़ा। उस परिवार में बिटिया की शादी थी। इसी प्रकार 10 जनवरी को ही पूर्वांचल बैंक सोनहा में एक बुजुर्ग की रकम के आस में लाइन में ही मौत हो गई थी। लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही घटनाओं के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों खासकर पूर्वांचल बैंकों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है। सोमवार को शहर से सटे गनेशपुर कस्बे में रकम के लिए सुबह से बड़ी संख्या में महिला और पुरुष लाइन में लगे रहे। इनमें कई महिलाएं अपने दुधमुहे बच्चों के साथ आई थी तो कुुछ बुजुर्ग महिलाएं भी लाइन में घंटों खड़ी रहीं।

गनेशपुर की नाजमा खातून, हाजरा खातून अपने बच्चे को गोद में लेकर सुबह से बैंक के सामने डटी रहीं। वहीं दक्षिणद्वारा निवासी बुजुर्ग प्रेमा खातून्निशा और डेरवा निवासी बुजुर्ग रामदुलारी ने बताया कि वह सुबह नौ बजे से वह गनेशपुर पूर्वांचल बैंक के बाहर लाइन में खड़ी हैं, मगर एक बजे तक उनका नंबर नहीं आया। वहीं जिनको भुगतान मिला उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह एक बार दो हजार रुपया मिला था, आज फिर दो हजार रुपये मिला। कमोवेश यही हाल दुबौलिया, लालगंज, सोनहा, रुधौली, हर्रैया क्षेत्र में स्थित पूर्वांचल बैंकों की है। जिनमें सप्ताह में एक या दो बार ही रकम मिल रही है, वह भी दो दो हजार रुपये। इस बारे में पूर्वांचल बैंक, बस्ती के आरएम एसएन सिंह का कहना है किआरबीआई की ओर से नियिमित रकम न मिलने के कारण दिक्कतें हो रही हैं। पिछले 15 दिनों में महज एक बार आरबीआई की ओर से रकम दी गई है। ऐसे में जैसे तैसे सभी शाखाओं को संचालित कराया जा रहा है।
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