पूछताछ में घायल मुनफैद ने बताया कि उसके गिरोह के लोग योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न प्रदेशों में एटीएम काटकर उसमें से पैसे चोरी करते हैं। गिरोह में खालिद, रेहान और मुबारक उर्फ मुब्बा उर्फ लंगड़ा निवासी उटावड़ जिला पलवल हरियाणा भी शामिल हैं। खालिद ही बाकी दोनों को लेकर आता था। एसपी ने बताया कि पुलिस को अभी खालिद, रेहान और मुब्बा की तलाश है। 10 जनवरी को घटना को अंजाम देने में मुनफैद सहित इन्हीं चारों ने मिलकर 20 लाख 36 हजार रुपये चोरी की थी।
इस तरह की रेकी
मुनफैद के अनुसार वह खालिद, रेहान और मुबारक उर्फ मुब्बा उर्फ लंगड़ा के साथ नौ जनवरी को सुबह हरियाणा से एटीएम काटकर चोरी करने की फिराक में चले थे। कार मुब्बा की थी। अयोध्या तक रेकी करते आए लेकिन गार्ड और पुलिस के मौजूद रहने की वजह से घटना नहीं कर पाए। वहां से सहनजवा तक रेकी करते गए लेकिन कामयाब नहीं हुए। इस दौरान कप्तानगंज के एटीएम को चिह्नित किया। वापस आते समय रात को अलग-अलग ढाबों पर रुककर रात बिताई।
10 जनवरी को सुबह साढ़े पांच बजे एटीएम कप्तानगंज के पास पहुंचे। काफी घना कोहरा और सुनसान रास्ते को देखकर वहां गैस कटर से मशीन कटकर रुपये निकाले और वहां मौजूद कागज व पर्चियां जलाकर कार से फरार हो गए। साढ़े चार लाख रुपये उसे हिस्सा मिला था। बाकी रुपये खालिद रेहान और मुब्बा ले लिए थे। उन्हीं रुपयों में से दो लाख एक हजार रुपये बरामद हुए हैं। इससे पहले बाराबंकी में भी एटीएम काटने का प्रयास कर चुके हैं।
एसपी ने थानाध्यक्ष छावनी दुर्गेश कुमार पांडेय, एसओजी प्रभारी रोहित कुमार उपाध्याय, एसआई वीरेंद्र यादव, एचसीपी अनंत यादव, विजय यादव, कांस्टेबल शिवम सिंह, संदीप यादव, सुनील चौहान, करमचंद, अभिषेक सिंह, साजिद जमाल, गजेंद्र प्रताप सिंह को इस पर्दाफाश करने के लिए 25 हजार रुपये पुरस्कार दिया है।
कार में फिट रखते हैं सिलेंडर
पूछताछ में पता चला कि इस गिरोह के लोग अपनी कार में हमेशा ऑक्सीजन सिलिंडर, एलपीजी छोटा सिलिंडर फिट करके चलते हैं। कार में पेंट स्प्रे, सब्बल, छेनी, हथौड़ी आदि भी रखते हैं। ये लोग कैमरे पर पेंट स्प्रे करने के बाद कार एटीएम से काफी करीब ले जाकर खड़ी करते हैं। ताकि सिलिंडर उतारकर ले जाने के बजाय कार से ही पाइप के जरिए मशीन काटने में गैस का इस्तेमाल कर सकें।