एयरपोर्ट विस्तार के संबंध में नागरिक उड्डयन निदेशक की तरफ से डीएम को रक्षा मंत्रालय की शर्तों की जानकारी दी गई है। बताया गया है कि फंड रक्षा राज्य अधिकारी इलाहाबाद सर्किल के लोकनिधि खाते में रहेगा। डीएम इस धनराशि को निकालकर किसी बैंक खाते में नहीं रख सकेंगे।
धनराशि का आहरण तात्कालिक जरूरत के अनुसार ही किया जाएगा। डीएम को सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही कार्य कराया जाए। काम की गुणवत्ता, मानक आदि की निगरानी डीएम करेंगे। खर्च की निगरानी भी करेंगे।
आठ साल में कई गुना बढ़ी यात्रियों की संख्या
आठ साल पहले तक गोरखपुर एयरपोर्ट से केवल दिल्ली के लिए एक उड़ान थी। इससे 60 से 70 यात्री सफर करते थे। वर्तमान में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, लखनऊ और प्रयागराज के लिए 10 उड़ाने हैं। रोजाना 2500 से अधिक यात्री आवागमन कर रहे हैं। एयरपोर्ट का विस्तार होने के बाद चेन्नई, बंगलुरु, वाराणसी समेत कई और शहरों के लिए उड़ानें शुरू हो सकेंगी।
- कई शहरों के लिए शुरू हो जाएगी वायु सेवा
- अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त टर्मिनल होगा
- एक हजार यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी
- दो की जगह 10 पार्किंग वे की सुविधा मिलेगी
- गाड़ियों की पार्किंग एयरपोर्ट परिसर में हो सकेगी
डीएम कृष्णा करूणेश ने कहा कि गोरखपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए रक्षा मंत्रालय ने 42 एकड़ से अधिक भूमि देने के लिए रजामंदी दे दी है। निर्माण के लिए फंड भी आवंटित कर दिया है। एयरपोर्ट के विस्तार से वायु सेवाओं में वृद्धि होगी। लोगों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
गोरखपुर एयरपोर्ट निदेशक एके द्विवेदी ने कहा कि एयरपोर्ट के विस्तार से गोरखपुर से कई शहरों के लिए उड़ानें शुरू हो जाएंगी। यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं भी मिलने लगेंगी।