सहालग और किसानी मौसम में नोट किल्लत लोगों की कमर तोड़ दे रहा है। लगातार दो दिन बैंक बंदी और एटीएम कैशलेस हो जाने से आम आदमी की परेशानियां दो गुनी हो गई हैं। बैंक बंद होने पर रविवार को देहात के लोग शहर के एटीएम का चक्कर लगाते रहे।
कलवारी के राकेश फौव्वारा तिराहे के पास स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम के पास कैश भरने का इंतजार कर रहे थे। बताया कि देहात में न तो बैंक और न ही एटीएम ठीक से काम कर रहे हैं। इसीलिए शहर चला आया कि करीब 50 एटीएम हैं कहीं न कहीं कैश तो होगा ही। इसी तरह साऊंघाट से आए मुनींद्र पाल लोगों से पूछते रहे कि शहर के किस एटीएम से रुपये निकल रहे हैं। कुछ लोग एचडीएफसी रोडवेज तिराहे पर इसलिए लाइन में लगे रहे कि अधिकतर यहां के एटीएम में रुपये निकलते रहते हैं। हालांकि रविवार को भी अधिकांश के एटीएम के शटर गिरे मिले।
शहर के एसबीआई की कोर्ट एरिया शाखा का एटीएम बड़े नोट पर प्रतिबंध लगने के बाद से कभी कभार ही चालू हो पा रहा है। कटरा स्थित एसबीआई के एटीएम का भी यही हाल रहा। एपीएन पीजी कॉलेज के पास स्थित सेंट्रल बैंक का एटीएम, आईसीआईसीआई का कंपनीबाग, गांधीनगर, कटरा स्थित एटीएम भी बंद रहे। एक्सिस बैंक, आंध्रा बैंक, न्याय मार्ग स्थित यूनियन बैंक, अरबन कोआपरेटिव बैंक के एटीएम भी कैशलेस रहे। छुटपुट ही एटीएम से रविवार को निकासी रही।
वहीं सर्दी के मौसम में अभिभावक अपने बच्चों के स्कूली ड्रेस खरीदने के लिए परेशान हैं। बच्चों को सुबह जाने के समय स्वेटर, कोट, इनर वीयर जैसे गरम कपड़ों की जरूरत है। सुबह 7.30 बजे का स्कूल होने से स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को गर्म कपड़ों में भेजने का निर्देश जारी किया है। उधर एटीएम और बैंकों में लाइन लगाने के बाद भी नोट किल्लत बनी हुई है। केंद्र सरकार ने नकदी की परेशानियों को देखते हुए दुकानदारों, मॉल, पेट्रोल पंपों पर स्वाइप मशीन लगाने की बात कही है। लेकिन अभी तक यह बड़ी दुकानों पर भी नहीं लग सकी है।
अभिभावक शिवा कॉलोनी के विनय शंकर पांडेय ने बताया कि सर्दी में बच्चों को गर्म कपड़े खरीदने हैं। एक दिन में कम रकम निकलती है। अगर दुकान पर स्वाइप मशीन लग जाए तो परेशानी दूर हो जाती। खउरहवा के रवि सिंह का कहना है कि नकदी के चलते खरीदना मुश्किल पड़ रहा है। सिविल लाइंस के सती चौधरी व बृजेश सिंह ने भी यही परेशानी बयां की।