महाराष्ट्र पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
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मुंबई के आंगड़िया (कोरियर) एसोसिएशन से वसूली के मामले में फरार चल रहे निलंबित आईपीएस अधिकारी सौरभ त्रिपाठी के रिश्तेदार वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर आशुतोष कुमार मिश्रा को मुंबई की क्राइम ब्रांच की टीम ने मंगलवार दोपहर बाद उनके दफ्तर से गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली पुलिस के साथ पहुंची मुंबई पुलिस की टीम असिस्टेंट कमिश्नर को कोतवाली ले गई।
कोतवाली में करीब आधे घंटे की पूछताछ के बाद सीजेएम न्यायालय में पेश किया और ट्रांजिट रिमांड की अर्जी दी। जिसके बाद सीजेएम ने शाम साढ़े छह बजे आठ अप्रैल तक का ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर ली। मुंबई क्राइम ब्रांच की सीआईयू यूनिट के इंस्पेक्टर अजीत ने बताया कि वसूली के एक मुकदमे में आशुतोष कुमार मिश्रा का नाम प्रकाश में आया है। आंबेडकरनगर के इंद्रलोक कालोनी निवासी आशुतोष कुमार मिश्रा निलंबित आईपीएस अधिकारी सौरभ त्रिपाठी के जीजा बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार आंगड़िया एसोसिएशन से अवैध वसूली के आरोपों से घिरे लखनऊ निवासी आईपीएस सौरभ त्रिपाठी ने इनके खाते में कई बार रकम भेजी है और असिस्टेंट कमिश्नर के खाते से सौरभ त्रिपाठी के खाते में भी रकम ट्रांसफर की गई है। लेनदेन संबंधी दोनों के खातों का ब्योरा खंगालने के बाद मुंबई क्राइम बांच ने आशुतोष कुमार मिश्रा को आरोपी बनाया है।
2010 बैच के महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस सौरभ त्रिपाठी मुंबई में डीसीपी जोन-2 पद पर तैनात थे। सौरभ त्रिपाठी पर आंगड़िया एसोसिएशन से 10 लाख रुपये प्रतिमाह वसूली का आरोप है। इस मामले में उन पर मुकदमा दर्ज है और 19 फरवरी से वह फरार हैं। 22 मार्च को महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था। तभी से मुंबई क्राइम ब्रांच की सीआईयू यूनिट गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह छापा मार रही है।