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Basti News: कोडीन माफिया भोला की संपत्ति होगी जब्त...ब्योरा खंगालने में जुटी पुलिस

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बस्ती। कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी प्रकरण में बस्ती पुलिस भी बड़ी कार्रवाई में जुट गई है। सोनभद्र जेल में बंद कोडीन माफिया भोला जायसवाल बस्ती से जुड़े सिंडीकेट का भी मुख्य आरोपी ठहराया गया है। यहां फास्टट्रैक न्यायालय में उसकी एक बार पेशी भी हो चुकी है। 15 जून को न्यायालय ने उसे फिर तलब किया है। इधर, बस्ती में अवैध कमाई से अर्जित ड्रग माफिया भोला की संपत्तियों को खंगालने में जुटी हुई है। इसके लिए बनारस और लखनऊ में उसके नाम दर्ज संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है।
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बनारस की पृष्ठि भूमि से जुड़े ड्रग माफिया भोला का नेटवर्क बस्ती में भी सक्रिय था। यहां बड़े पैमाने पर कोडीन युक्त कफ सिरप की खेप खपाई गई है। पुलिस के अनुसार शुरूआत में 1.72 लाख शीशी कोडीन युक्त कफ सिरप की आपूर्ति करने वाली बस्ती की बोगस फर्म गणपति फार्मा का मालिक पंकज कुमार सिर्फ मोहरा बना था। उसके पीछे ड्रग माफिया भोला जायसवाल का ही पूरा नेटवर्क काम कर रहा था।
पंकज भी मूल रूप से बनारस की रहने वाला है। पिछले 30 जनवरी को उसकी गिरफ्तारी के बाद बस्ती पुलिस के सामने कोडीन युक्त सिरप की तस्करी का पूरा राज खुल गया। इसके बाद पुलिस ने इस पूरे मामले में माफिया भोला को मुख्य आरोपी बनाया। दौरान विवेचना पुलिस भोला जायसवाल पर बड़ी कार्रवाई करने के फिराक में जुटी है। पुलिस उसकी संपत्ति का ब्योरा खंगाल रही है।
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कोडीन युक्त सिरप की तस्करी से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने के उद्देश्य से पुलिस ने ताना बाना बुनना शुरू कर दिया है। बस्ती एसआईटी बनारस, लखनऊ एवं अन्य शहरों में भोला की संपत्तियों का विवरण खंगाल रही है। कुछ संपत्तियों का दस्तावेज पुलिस के हाथ लग भी चुका है। इसमें से अधिकांश संपत्ति पहले ही जब्त की जा चुकी हैं। बस्ती पुलिस उसकी शेष संपत्ति की तलाश कर रही है।
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27 करोड़ की संपत्ति हो चुकी है जब्त
कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में राज्य पर गठित एसआईटी ने सिंडिकेट के मुख्य आरोपी भोला जायसवाल की लगभग 27 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त कर चुकी है। इसलिए बस्ती एसआईटी काे संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई में अभी सफलता नहीं मिल पाई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार भोला की अवैध कमाई से अर्जित उन संपत्तियों का भी ब्योरा जुटाया जा रहा हैं जिस पर अभी कार्रवाई नहीं हुई है। बनारस और लखनऊ में भोला के नाम से शेष संपत्ति मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है। बस्ती में उसके नाम से फिलहाल कोई चल-अचल संपत्ति नहीं है।

फर्जी नाम पते पर संचालित था गणपति फार्मा
बस्ती में कोतवाली क्षेत्र के तुरकहिया मोहल्ले के पते पर संचालित गणपति फार्मा बोगस फर्म था। 1.72 लाख शीशी कोडीन युक्त सिरप की आपूर्ति काे लेकर चर्चा में आए इस फर्म की जांच शुरू हुई तो पता चला कि पंकज कुमार नाम के व्यक्ति ने फर्जी आधार लगाकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग एवं जीएसटी में फर्म का पंजीयन कराया है। पंकज मूल रूप से वाराणसी के थाना आदमपुर के ए-3/134 त्रिलोचन बाजार का रहने वाला है। उसकी गिरफ्तारी के बाद उसके खाते में उपलब्ध 8.95 लाख रुपये की धनराशि फ्रिज करा दी गई थी।वर्तमान में वह बस्ती जेल में बंद है। पुलिस के अनुसार पंकज मुख्य आरोपी भोला जायसवाल के लिए सिर्फ मोहरे का काम करता था।
कोट
कोडीन युक्त कफ सिरप के तस्करी का मास्टरमाइंड बनारस का भोला जायसवाल है। उसे मुख्य आरोपी बनाया जा चुका है। अवैध कमाई से अर्जित उसकी संपत्ती जब्त करने के लिए पुलिस ब्योरा जुटाने में लगी है। बहुत जल्द परिणाम सामने आएगा।
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-सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी, सीओ सिटी।
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