संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सांऊघाट सीएचसी पर लाभार्थी का नसबंदी कराने पहुंची आशा कार्यकर्ता का सीएचसी अधीक्षक और ड्यूटी पर मौजूद सर्जन से बवाल हो गया। कुछ ही देर बाद मामला तूल पकड़ लिया।
सीएचसी क्षेत्र की अधिकांश आशा कार्यकर्ता एकत्र हो गईं। अधीक्षक और सर्जन पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए आशा कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया।
इसके बाद सीएमओ कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन भी किया। हालांकि सीएमओ ने बाद में बीच- बचाव कर मामला शांत करा दिया। यूनियन के मंडल अध्यक्ष सुभाष चंद्र उपाध्याय के नेतृत्व में सॉऊघाट सीएचसी के अधीन कार्यरत सभी आशा कार्यकर्ता सीएमओ कार्यालय पहुंची।
यहां प्रदर्शन होने लगा। बाद में सीएमओ डॉ. आरएस दुबे ने आशा कार्यकर्ताओं को वार्ता के लिए अपने कक्ष में बुलाया। इस दौरान बताया गया कि नसबंदी हेतु लाभार्थी को लेकर एक आशा सीएचसी पर पहुंची।
इस दौरान सीएचसी अधीक्षक एवं नसबंदी हेतु बुलाए गए सर्जन द्वारा संबंधित आशा पर अपशब्दों की बौछार करने का आरोप लगाया गया। इससे आहत सभी आशा कार्यकर्ता संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गई। भड़की आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि हम लोग किसी भी दशा में नसबंदी हेतु लाभार्थियों को सीएचसी पर नहीं ले जाएंगे।
इसके अलावा अन्य कार्यों के बहिष्कार की भी चेतावनी दी गई। सीएमओ ने आशा कार्यकर्ताओं को समझा बुझाकर किसी तरह मामला शांत किया। आश्वस्त किया मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। सीएमओ से आशा कार्यकर्ताओं के टीवीआई, स्टेट बजट एवं यूपी 212 पोर्टल से होने वाले पुराने बकाया भुगतान की भी मांग उठाई गई।
सीएमओ ने इस पर सहमति जताते हुए जल्द भुगतान कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने तत्काल जिम्मेदार अधिकारियों को फोन करके अविलंब भुगतान करने का निर्देश भी दिया।
इस मौके पर अन्नपूर्णा दूबे, इंद्रावती त्रिपाठी, आशा शर्मा, रेनू देबी, कौशल्या देवी, रिंकी शर्मा, इसरावती देवी, गुड़िया देवी आदि मौजूद रहे।