बस्ती। स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग कार्यक्रम में लापरवाही बरतने वाले मान्यता प्राप्त, अशासकीय और मदरसा विद्यालयों के 1274 प्रधानाध्यापकों को बीएसए अनुप कुमार ने 28 सितंबर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने विद्यालयों से पोर्टल पर निर्धारित गतिविधियों की जानकारी और फोटो अपलोड करने के निर्देश दिए थे। चेतावनी दी गई है कि लापरवाही जारी रहने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस में कहा गया है कि विद्यालयों में साफ-सफाई, पर्यावरण संरक्षण और मिशन लाइफ से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी पोर्टल पर फोटो के साथ दर्ज करनी है। इसके बावजूद कई विद्यालयों की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं किया जा रहा है। विभाग ने इसे आदेशों की अवहेलना मानते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।बीएसए ने कहा कि कार्यक्रम में विद्यालयों की उदासीनता से जिले की रैंकिंग प्रभावित हो रही है।
कार्य पूरा नहीं करने पर संबंधित प्रबंधक और प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही जारी रहने पर विद्यालय की मान्यता प्रत्याहरण और यू-डायस निष्क्रिय करने की संस्तुति सक्षम अधिकारी को भेजी जा सकती है।
यह है स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग कार्यक्रम
स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग का उद्देश्य स्कूलों में स्वच्छता, साफ-सफाई और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना है। यू-डायस प्लस से जुड़े सरकारी और निजी विद्यालयों के लिए यह कार्यक्रम अनिवार्य है। इसमें जल, शौचालय, साबुन से हाथ धोना, संचालन एवं रखरखाव, व्यवहार परिवर्तन एवं क्षमता निर्माण तथा मिशन लाइफ गतिविधियों के आधार पर विद्यालयों का मूल्यांकन किया जाता है।
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131 परिषदीय विद्यालयों को भी नोटिस
कार्यक्रम में रुचि न लेने पर 131 परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भी नोटिस जारी किया गया है। उन्हें पोर्टल पर निर्धारित जानकारी अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।