बस्ती। सहालग के सीजन में सोने-चांदी के भाव आसमान छू रहे हैं। ऐसे में अब कम दाम और आकर्षक दिखने वाली आर्टिफिशियल ज्वेलरी से महिलाएं श्रृंगार करने लगीं हैं। इससे इनकी मांग भी बाजार में बढ़ी है। ज्वेलरी कारोबारियों का कहना है कि सोने-चांदी की के भाव में तेजी से लोग हल्के वजन की ज्वेलरी पसंद कर रहे हैं। साथ में आर्टिफिशियल ज्वेलरी की खरीदारी भी खूब हो रही है।
सोने-चांदी का दाम एक लाख रुपये के करीब पहुंच गया है। शादी-विवाह में रस्म अदायगी के लिए लोग सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीद रहे है। इसमें भी लोग मुख्य कार्यक्रम के गहनों को छोड़कर बाकी हल्की ज्वेलरी खरीदना अधिक पसंद कर रहे हैं। सोने-चांदी के भाव में तेजी और सुरक्षा के दृष्टि से आर्टिफिशियल ज्वेलरी के बाजार में तेजी आई है। शादी-विवाह और आम दिनों में पहनने के लिए महिलाएं आर्टिफिशियल ज्वेलरी खरीदना पसंद कर रही हैं, जिससे इसका व्यवसाय 25 फीसदी तक बढ़ा है। कम लागत होने के कारण दुकानदारों का इस कारोबार की ओर रुझान बढ़ा है। गांधीनगर में इसके कुछ अच्छे शोरूम भी खुल गए हैं, जहां लोगों को बेहतर कलेक्शन मिल रहा है।
आम तौर पर एक लाख में मिलने वाला सोने का हार आर्टिफिशियल में दो-तीन हजार रुपये में मिल जा रहा है। वहीं कंगन एक से डेढ़ हजार और टीका और चेन भी पांच सौ में रुपये में बाजार में उपलब्ध हैं। ये ज्वेलरी सस्ती होने के साथ आकर्षक भी है और लूट-छिनैती जैसी घटनाओं में इन्हें खोने का डर भी नहीं है।
गांधीनगर के दुकानदार अमित कुमार का कहना है कि सोने-चांदी की भाव बढ़ने की वजह से आर्टिफिशियल ज्वेलरी की मांग 25 फीसदी बढ़ी है। महिलाओं की यह पहली पसंद बन रही है। अब सोना-चांदी की ज्वेलरी खरीदना सबके बस में नहीं है तो लोग आर्टिफिशियल ज्वेलरी से काम चला रहे हैं।
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कम है जोखिम - फोटो है
गांधी नगर निवासी कुसुमलता का कहना है कि सोने-चांदी के इस्तेमाल में खतरा भी बढ़ा है। आर्टिफिशियल ज्वेलरी सस्ती और आकर्षक होने के साथ इसको पहनने में जोखिम कम है। रखने और संभालने की चिंता भी नहीं होती है। शादी-विवाह और अन्य कहीं सोने की ज्वेलरी पहन कर जाने पर डर भी बना रहता है।