वैदिक संस्कृति अनेकता में एकता का संदेश देती है। सभी भारतवासी आर्य ही है।
आर्य किसी जाति का सूचक नहीं बल्कि श्रेष्ठ संस्कृति का प्रतीक है। ध्वज को फहरा कर हम अपने उत्साह और स्वत्रंता का उद्घोष करते हैं ताकि हमारा मानसिक स्तर ऊंचा रहे। पूरे समाज की प्रसन्नता चाहते हुए हम ओम ध्वजा फहराते हैं।
उक्त बातें आर्य समाज नई बाजार बस्ती के 44वें वार्षिकोत्सव के शुभारंभ अवसर पर ध्वजारोहण करते हुए शाहजहांपुर से पधारे स्वामी श्रद्धानन्द ने कही। इसके पश्चात कार्यक्रम स्थल से शोभा यात्रा पुरानी बस्ती क्षेत्र के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी।
शोभा यात्रा में जिले के विभिन्न आर्य समाजों के अलावा हिन्दू युवा वाहिनी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, हिन्दू जागरण मंच, विश्व हिन्दू परिषद, बस्ती विकास मंच, शिवसेना, अभाविप, भाजपा, व्यापार मण्डल, अधिवक्ता परिषद, वरिष्ठ नागरिक संगठन, पतंजलि योग समिति, भारत स्वाभिमान आदि प्रमुख संगठनों ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर विकास बरनवाल, नन्दीश्वर दत्त ओझा, सरोज त्रिपाठी, निर्मला श्रीवास्तव, चुनमुन लाल, हरीराम आर्य, आदित्य तिवारी कबीर, अंकिता सोनी, पिंकी सोनी, कृष्ण कुमार, उदयभान आर्य, देवव्रत आर्य, वन्दना श्रीवास्तवा, मोहिनी, माधुरी, अरविन्द श्रीवास्तव, दिनेश मौर्य, अम्बिका प्रसाद उपाध्याय, अनूप कुमार त्रिपाठी, राधेश्याम कसेरा, घनश्याम, राजेन्द्र आदि मौजूद रहे।