शनिवार को रामपुर निवासी 75 वर्षीय बासमती देवी का शव उसके घर में पाया गया था। वह घर पर अकेली रहती थी। उसका बेटा श्याम सुंदर दिल्ली रहता है। उसकी सात बेटियां, जिनकी शादी हो चुकी हैं और वे सभी अपनी ससुराल में थीं। शुक्रवार रात करीब नौ बजे पांचवें नंबर की बेटी ममता ने अपनी मां से वीडियो कॉल पर बात किया था।
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अगले दिन शनिवार दोपहर करीब 12 बजे फिर जब उसने मां के पास फोन किया तो कोई जवाब नहीं मिला। पड़ोस के लड़के को फोन करके उसने मां के बारे में जानकारी लेने के लिए भेजा तो छत की सीढ़ी के पास पैर दिखाई दिया। आसपास के लोग इकट्ठा होकर गेट के ताले को तोड़कर अंदर गए। तो देखा तो बासमती मृत पड़ी थी। कमरे में देखा तो आलमारी टूटी पड़ी थी और सामान बिखरे पड़े थे। परिजनों के अनुसार आलमारी से जेवर और नगदी गायब था।
इस टीम को मिली कामयाबी
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष कलवारी आलोक कुमार श्रीवास्तव, एसओजी प्रभारी गजेंद्र सिंह, प्रभारी चौकी गायघाट द्वारिका प्रसाद चौधरी, हेड कांस्टेबल अनंत यादव, करमचंद, अभिषेक सिंह, साजिद जमाल, गजेंद्र प्रताप सिंह के अलावा सर्विलांस टीम के शशिकांत, जनार्दन, सतेंद्र सिंह, अरुण यादव, आशुतोष द्विवेदी, अवधराज यादव आदि शामिल रहे।