मेडिकल कॉलेज में आईसीयू वार्ड का निरीक्षण करते उप प्रधानाचार्य डॉ. अनिल कुमार यादव।
बस्ती। राज्य स्तरीय टीम के परीक्षण से पहले मेडिकल कॉलेज प्रशासन चौकन्ना हो गया है। आनन-फानन व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है। आठ महीने पहले से तैयार दस बेड का आईसीयू वार्ड इस हफ्ते चालू कर दिया गया है। बेड तक ऑक्सीजन सप्लाई दुरुस्त हो गई है।
हालांकि, इसमें स्थापित वेंटीलेटर को चालू रखने के लिए ऑपरेटर की नियुक्ति नहीं हुई है। संचालन का जिम्मा एनस्थीसिया के चिकित्सकाें ने संभाल लिया है। इमरजेंसी में तत्काल जांच की सुविधा मिल रही है।
हाईकोर्ट के निर्देश पर सूबे के 35 मेडिकल कॉलेजों के शिक्षा एवं चिकित्सा व्यवस्था की जांच होनी है। इनमें महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज बस्ती भी शामिल है। कुल 28 बिंदुओं पर जांच के लिए केजीएमयू के आचार्यों की दो सदस्यीय टीम यहां कभी भी पहुंच सकती है।
नहीं सुधरी परिसर की हालत : मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली परिसर की हालत अभी नहीं सुधरी है। परिसर की ज्यादातर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। जलनिकासी की व्यवस्था न होने से आवासीय क्षेत्र में जलभराव एवं गंदगी फैली हुई है।