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मन की मजबूती की सफलता की पहली सीढ़ी

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मन की मजबूती ही सफलता की पहली सीढ़ी : अवधेंद्र
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महादेवा/बस्ती। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत एसडीएस पब्लिक इंटर कॉलेज, खड़ौहा महादेवा में शुक्रवार को छात्राओं ने अपने कॅरियर से संबंधित जिज्ञासाओं को बेहिचक प्रकट किया। इस दौरान छात्राओं के सवालों का जवाब देते हुए जिला सेवायोजन अधिकारी अवधेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि मन की मजबूती ही सफलता की पहली सीढ़ी है। लक्ष्य तय कर यदि उस पर पूरे मन से प्रयास किया जाए तो निश्चित तौर पर सफलता उनके कदम चूमेगी।
जिला सेवायोजन अधिकारी ने कहा कि अभी से ही आपको कॅरियर को लेकर अपना एक लक्ष्य निर्धारित करने की जरूरत है। जिस भी क्षेत्र में आपकी रुचि हो, उस क्षेत्र में आपको आगे बढ़ने के लिए सकारात्मक सोच के साथ प्रयास करना होगा। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी से लेकर तमाम क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों को रेखांकित किया। वहीं, उन्होंने छात्राओं को उन्हें खुद पर भरोसा रखने के लिए प्रेरित भी किया। कहा कि सेवायोजन विभाग युवाओं के कॅरियर को लेकर समय-समय पर कार्यक्रम करता है। इसका वह हिस्सा बनें, इससे आगे चलकर उन्हें अपना लक्ष्य तय करने और कुछ करने की प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम का संचालन प्रतिमा दुबे व समापन प्रधानाचार्य जीके शुक्ला द्वारा किया गया। इस मौके पर आरक्षी शिल्पा मिश्रा, श्वेता सरोज, एकता सिंह, अभिषेक सहित विद्यालय शिक्षक समेत करीब दो सौ छात्राएं मौजूद रहीं।
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निडर बनें और समस्याओं पर खुलकर करें बात : नंदिनी
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में एंटी रोमियो टीम की जिला प्रभारी नंदिनी यादव के उद्बोधन ने छात्राओं में उत्साह का संचार कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कक्षा से ही छात्राएं अपने लक्ष्य को तय करे लें तो उन्हें सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्हें निडर तो होना ही होगा, साथ ही समस्याओं पर खुलकर बात करनी होगी। कहा कि अक्सर देखने में आता है कि छात्राओं के साथ स्कूल आने-जाने के दौरान अवांछनीय घटनाएं होती हैं, इससे सहम कर चुप नहीं बैठना है। बल्कि महिला हेल्पलाइन 1090 पर सिर्फ फोन मिलाना है। नाम और मोबाइल फोन नंबर गुप्त रखते हुए तत्काल उनकी समस्या का समाधान होगा और अवांछनीय तत्वों पर कार्रवाई भी होगी। उन्होंने डायल 112, 181, 102, 108 आदि हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी विस्तार से बताया।
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बोली छात्राएं
अपराजिता अमर उजाला का एक ऐसा अभियान है, जो महिला वर्ग खासतौर लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम है। सभी छात्राएं इस मुहिम का हिस्सा बने और अपना कॅरियर संवारें।
ऋद्धि पांडेय, छात्रा कक्षा नौ
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अपराजिता कार्यक्रम की इस कार्यशाला में सीखा कि किस तरह हम अपने भविष्य को संवार सकते हैं। उत्साह का जो संचार हुआ है, उससे निश्चित तौर पर अपना नाम रोशन करेंगी।
मान्यता, छात्रा कक्षा दस
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पिछले साल से अमर उजाला के अपराजिता अभियान का हिस्सा हूं। इस कार्यक्रम के जरिए ही हमें पता चला कि आज के दौर में लड़कियों को हिम्मत दिखानी चाहिए। हर मुसीबत का सामना करने को तैयार रहना है।
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छवि चौरसिया, छात्रा कक्षा आठ
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अपराजिता अपने आप में नारी का पूर्ण परिचय है। निडर होकर कठिनाइयों का सामना करना अपने आप में बहादुरी का परिचय है। नारी अपराजिता बनकर अपने पंखों को फैलाकर गगन को छुएं।
प्रतिमा दुबे, शिक्षिका
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