बस्ती। मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी गई है। स्वदेशी गोपालन को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित इस योजना में अब इच्छुक पशुपालकों को आवेदन के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) डॉ. अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि विभिन्न जिलों के पशुपालकों की मांग पर आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई गई है, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थी योजना का लाभ उठा सकें। जिले में योजना के तहत छह डेयरी यूनिट स्थापित की जानी हैं। अब तक करीब 150 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
योजना के तहत 10-10 गायों की क्षमता वाली डेयरी यूनिट स्थापित की जाएगी। इनमें केवल गिर, थारपारकर और साहीवाल जैसी उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली स्वदेशी नस्लों की गायें रखी जाएंगी। एक यूनिट की कुल लागत 23.60 लाख रुपये निर्धारित है, जिसमें सरकार 50 प्रतिशत यानी 11.80 लाख रुपये का अनुदान देगी। शेष 50 प्रतिशत में 35 प्रतिशत बैंक ऋण तथा 15 प्रतिशत लाभार्थी का अंशदान होगा। इच्छुक और सक्षम लाभार्थी चाहें तो बैंक ऋण के बजाय अपनी ओर से पूरी राशि भी निवेश कर सकते हैं।
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अधिक अभिलेखों के कारण बढ़ाई गई समय सीमा
योजना के लिए पहले 21 जुलाई तक विभागीय वेबसाइट nandbabandugdhmission.up.gov.in पर आवेदन मांगे गए थे। हालांकि, आवेदन के साथ अधिक अभिलेख जमा करने की प्रक्रिया के कारण कई पशुपालक समय से आवेदन नहीं कर सके। विभिन्न जिलों से समय सीमा बढ़ाने की मांग के बाद शासन ने अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी है। इससे अधिक पात्र पशुपालकों को योजना का लाभ लेने का अवसर मिलेगा।
कोट
जिले में छह डेयरी लगाने का लक्ष्य आवंटित किया गया है। इच्छुक पशुपालकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना के अंतर्गत गो-पालकों को सशक्त बनाने के लिए 10-10 गायों की क्षमता वाली डेयरी यूनिट स्थापित की जाएंगी। बढ़ी हुई तिथि में पशुपालक आवेदन कर सकते हैं।
-डॉ. अरुण कुमार गुप्ता, सीवीओ, बस्ती।