फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: पुलिस की कार्यशैली से आक्रोशित लेखपालों ने दिया धरना

Fri, 31 May 2024 02:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
विज्ञापन
हरैया तहसील में लेखपालों ने दिया धरना।
विज्ञापन
लेखपाल को बंधक बनाकर पीटने के मामले में गिरफ्तारी न होने से हैं खफा
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
हर्रैया। लेखपाल को जबरन उठाकर ले जाने और पिटाई कर छोड़ने के मामले में आरोपियों पर केस दर्ज करने में हीलाहवाली और गिरफ्तारी न होने से खफा लेखपालों ने बृहस्पतिवार को कार्य वहिष्कार करते हुए हर्रैया तहसील में धरना शुरू कर दिया। लेखपाल थानेदार की कार्यशैली को लेकर आक्रोशित हैं। उनका आरोप है कि पुलिस आरोपियों से मिलकर मामले का अल्पीकरण करने में जुटी है।
उधर, आरोपियों का कहना है कि कार्य के बदले रुपये मांगने पर लेखपाल के विरुद्ध आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की गई थी। इसके बाद लेखपाल खुद को बचाने के लिए फर्जी कहानी रचकर फंसा रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने हर्रैया तहसील के माझिल गांव के लेखपाल प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव निवासी मड़वानगर थाना कोतवाली की तहरीर पर विशाल उर्फ मोहन दूबे निवासी माझिल गांव थाना छावनी, शिवम तिवारी निवासी सहजौरा पूरे दुखी और तीन अन्य अज्ञात पर बलवा, मारपीट, सरकारी कागज फाड़ कर कार्य में बाधा आदि धाराओं में केस दर्ज कर छानबीन शुरू की है।
विज्ञापन

बुधवार को लेखपाल ने आरोप लगाया था कि शाम करीब 4:30 बजे वह तहसील परिसर से माझिल गांव निवासी विशाल दुबे बस्ती चलने को कहकर अपनी कार में बैठा लिया। वह बभनान चौराहे के पास ले गया, जहां कार में कुछ और लोग भी बैठ गए। आरोप है कि तमंचे व चाकू के बल पर उसे चुप रहने की धमकी देते हुए अज्ञात स्थान पर ले गए। कार से बाहर निकाल कर लात-घूंसों से मारा पीटा और छोड़कर चले गए।
विज्ञापन


...
गिरफ्तारी न होने तक कार्य बहिष्कार करेंगे लेखपाल

उप जिलाधिकारी/तहसीलदार को ज्ञापन में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ उप शाखा हर्रैया की तरफ से कहा गया है कि लेखपाल प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव के साथ कुछ लोग आए और तहसील से उठाकर गाड़ी में बैठाकर जबरदस्ती उनके कनपटी पर तमंचा सटाकर और धारदार चाकू गले पर रखते हुए सुनसान एरिया में ले जाकर के लात-घूसों से पीटकर अधमरा करके छोड़ें। किसी तरीके से अपनी जान बचाकर वह घर पहुंचे। प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव के साथ तमाम लेखपाल साथी मंगलवार शाम से अब तक थाने और तहसील का चक्कर काटते रहे लेकिन अभी तक अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई। यही नहीं मार खाए हुए लेखपाल का अभी तक मेडिकल तक नहीं कराया गया। इससे आरोपियों का हौसला बढ़ गया है जबकि लेखपालों का मनोबल टूट गया है। मजबूरन निर्णय लिया गया है कि अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं होने तक लेखपाल साथी कार्य का बहिष्कार करेंगे जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें