एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजजार करते शिक्षामित्र। स्रोत संगठन
बस्ती। लंबे संघर्ष के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10 से 18 हजार रुपये कर दिए जाने के निर्णय पर शिक्षामित्रों में खुशी की लहर है। शनिवार को उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार शुक्ल के संयोजन में लोहिया मार्केट स्थित संगठन कार्यालय पर एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियों को साझा किया गया।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि महंगाई को देखते हुए 10 साल बाद आठ हजार रुपये प्रति माह की वृद्धि पर्याप्त नहीं है, मगर सरकार ने अपनी सोच बदली इसका स्वागत है। कहा कि शिक्षामित्र सहायक अध्यापक घोषित किए जाने की अपनी मांग पर डटे रहेंगे और संघर्ष जारी रहेगा। मंडल अध्यक्ष प्रवीन कुमार श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताते हुए संभावना व्यक्त की कि अति शीघ्र शिक्षामित्रों की अन्य मांगों को स्वीकार कर लिया जाएगा।
जिला संगठन मंत्री संदीप कुमार सिंह ने कहा कि सरकार का निर्णय स्वागत योग्य है। शिक्षामित्रों को पेंशन का भी लाभ दिया जाए। इस दौरान संजय यादव, धनंजय सिंह, सिराज अहमद, शिव कुमार चौधरी, श्रवण यादव आदि माैजूद रहे।