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गन्ना किसानों में बढ़ी नाराजगी

Thu, 01 Mar 2018 12:31 AM IST
बस्ती, उत्तर प्रदेश्ा
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प्रदर्शन करते लाेग। - फोटो : बस्ती
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विक्रमजोत। विकासखंड क्षेत्र में गन्ना किसानों को फसल बेचने के लिए दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। तौल केंद्र पर मजदूर नहीं होने से गन्ना लदे वाहन तीन तीन दिन खड़े हो जा रहे हैं जिससे गुस्सा बढ़ा है। बुधवार को किसानों ने एक तौल केंद्र पर विरोध प्रदर्शन किया है। 
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 क्षेत्र में रौजा चीनी मिल और मसौधा चीनी मिल के तौल केंद्र हैं। त्रिलोकपुर,रायपुर गोडसरा, केशवपुर, विक्रमजोत, शंकरपुर, टिकारिया, फूलडीह, बस्थनवा का तौल केंद्र बंद होने की कगार पर पहुंच गया है। त्रिलोकपुर केंद्र के काटाबाबू अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि दो मार्च तक इंडेंट पर्ची जारी हो चुकी है जिसपर किसानों का गन्ना तौला जा रहा है लेकिन लेबर नहीं होने से कार्य में बाधा आ रही है। यही कारण है कि कांटा पर जाम लगा है। हालात यह है कि गन्ना लेकर पहुंचे वाहन के ही मजदूरों से किसान अपना गन्ना खुद लाद रहे है। अन्य केन्द्रों पर स्थानीय किसानों ने गन्ना ढुलाई के नाम पर हो रहे शोषण के खिलाफ भी विरोध शुरू कर दिया है। रौजागांव मिल के गन्ना महाप्रबंधक मनोज सिंह को इस बारे में शिकायती पत्र लिखा है। 

बुधवार को विक्रमजोत के समीप रौजागांव मिल के त्रिलोकपुर गन्ना क्रय केन्द्र पर गन्ना किसानों ने मिल प्रशासन और ट्रांसपोर्टर के खिलाफ प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि प्रति ट्राली गन्ना उतारने कि सौ रुपये की वसूली की जा रही है। विरोध करने पर ठेकेदार ने ट्रक और लेवरों को वापस बुला लिया है। उडगइया गांव निवासी सुरेश पाण्डेय, हजारीलाल यादव, परशुराम पाण्डेय, शिवपूजन यादव और शम्भूपुर निवासी रघुनायक दुबे, हिमांशु, पडारिया निवासी सरयूप्रसाद, भिखारीपुर निवासी फूलचंद्र यादव का कहना है कि सभी ट्रालियों से 70 से 100 रुपये तक गन्ना उतराई वसूली जाती है। 
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इस संबंध मे क्षेत्रीय गन्ना प्रबंधक अजय कुमार बघेल का कहना है कि होली के चलते लेबर छुट्टी चले गए है। जिससे समस्या उत्पन हो गई। जल्द स्थिति सामान्य हो जाएगी।उतारने के नाम पर वसूली मामले कि जांच कराई जाएगी।
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