अमित शाह ने बस्ती की जनता मांगा जीत का आशीर्वाद
कहा-विकास के लिए प्रदेश में बहुत कुछ हुआ है लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है
संतोष तिवारी
बस्ती। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को बस्ती की जनता से जीत का आशीर्वाद मांगा। पांच साल पहले इसी किसान डिग्री कॉलेज की जनसभा की यादों को ताजा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के लिए बहुत कुछ हुआ है, लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है। उन्होंने मंच से जैसे ही यह कहा कि आपका आशीर्वाद चाहिए तो पूरा ग्राउंड तालियों की गड़गड़ाहट, मोदी-शाह जिंदाबाद और जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा।
अमित शाह शनिवार को जब मंच पर पहुंचे तो दिन ढलने की ओर था, लेकिन उनका चेहरा आत्मविश्वास से चमक रहा था। अपने चित-परिचित अंदाज में उन्होंने भारत माता की जय से बात शुरू की। जिगर का टुकड़ा कह कर युवाओं की नब्ज टटोली तो मंच से किसान, व्यापारी, अमीर-गरीब, दलित, पिछड़े वर्ग के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की उपलब्धियों को गिनाकर सियासी रणनीति को साधने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में बस्ती में आए थे तो इसी किसान डिग्री कॉलेज के ग्राउंड में बूथ सम्मेलन किया था। तब प्रदेश में तीन सौ से अधिक सीटें मिली थीं। इस बार भी उसी ग्राउंड में हैं तो जीत तो सुनिश्चित है, लेकिन अबकी बार की जीत में पुराने सारे रिकार्ड टूट जाने चाहिए। लोगों से पूछा कि ऐसा होगा क्या? तो जवाब में लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से समर्थन किया।
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किसी का नाम नहीं, निशाने पर सब रहे
करीब 15 मिनट के संबोधन में अमित शाह ने मंच से किसी दल का नाम तो नहीं लिया, लेकिन तकरीबन सभी बड़े दल उनके निशाने पर रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम की तारीफ करते हुए कहा कि जो काम 75 साल में किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया, वह काम मोदी ने किया। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में हुए हिंदुओं के पलायन का मुद्दा उठाते हुए उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारों को निशाने पर लिया। कहा कि जो पलायन कराने आए थे आज वह खुद बाहर हो गए हैं।