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राहुल अपहरण केस : कोर्ट में पेश हुए महराजगंज के 3 गवाह, पूर्व मंत्री अमर मणि पर चले रहे केस पर हुई गवाही

Sun, 07 Sep 2025 02:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती

सार

बता दें कि छह दिसंबर 2001 को कोतवाली थाना क्षेत्र के रोडवेज तिराहा निवासी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल को स्कूल जाते समय अगवा कर लिया गया था। इस मामले में पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी सहित नौ के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
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अमर मणि त्रिपाठी( फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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व्यापारी के बेटे के अपहरण और गैंगस्टर एक्ट में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी पर चल रहे केस में शनिवार को गवाही हुई। एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि ने पिछली तारीख 30 अगस्त को गवाहों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के साथ ही उन्हें अदालत में पेश करने के लिए डीजीपी, डीआईजी, एसपी को पत्र भेजा था।
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शनिवार को महराजगंज जिले के तीन गवाह पेश हुए। सब ने घटना की जानकारी से अनभिज्ञता जताई। कहा कि समाचार पत्रों के जरिए उन्हें अपहरण के बारे में जानकारी मिली थी। अपहृत राहुल मद्धेशिया सहित अब तक सात गवाहों का बयान दर्ज किया जा चुका है। अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी।

साक्षी ओम प्रकाश श्रीवास्तव निवासी सुभाष नगर वार्ड नं0-19 नौतनवां जिला महराजगंज, साक्षी अश्वनी कुमार दूबे निवासी धौरहरा, थाना सोनौली, जिला महराजगंज और साक्षी महेश सिंह निवासी बरगदवा उर्फ गनवरिया, थाना सोनौली, जिला महराजगंज ने स-शपथ बयान किया कि उन्हें समाचार पत्र के माध्यम से घटना के बारे में पता चला था।

अमर मणि त्रिपाठी उनके क्षेत्र के विधायक थे, इसलिए उन्हें तो जानते थे। लेकिन, राहुल मद्धेशिया के बारे में समाचार पत्रों से जानकारी हुई थी। करीब 24 साल पुराने इस मामले में 23 फरवरी 2024 से कोर्ट में गवाही चल रही है।

बता दें कि छह दिसंबर 2001 को कोतवाली थाना क्षेत्र के रोडवेज तिराहा निवासी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल को स्कूल जाते समय अगवा कर लिया गया था। इस मामले में पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी सहित नौ के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया गया था।

आरोप है कि लखनऊ के जिस मकान से राहुल मिला था, वह अमर मणि का ही था। बाद में अमर मणि सहित तीन की पत्रावली अलग कर दी गई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपित संदीप त्रिपाठी की मौत हो चुकी है। इस केस में मुख्य अभियुक्त अमर मणि की सभी चल-अचल संपत्ति कुर्क की जा चुकी है।
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सात नवंबर को न्यायालय ने आदेश दिया था कि अब आरोपी की गिरफ्तारी की संभावना नहीं है, ऐसे में बिना अभियुक्ति की उपस्थिति के साक्ष्य की कार्रवाई शुरू की जाए। इसकी अगली तारीख पर 13 नवंबर 2024 से गवाही चल रही है।
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