बस्ती। व्यापारी के बेटे के अपहरण और गैंगस्टर एक्ट में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी पर चल रहे केस में शनिवार को फिर गवाही अटक गई। कोई गवाह पेश नहीं हुआ। एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि ने गवाहों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।
साथ ही अगली सुनवाई की तिथि छह सितंबर को सभी गवाहों को पेश करने के लिए डीजीपी, डीआईजी और एसपी को पत्र जारी किया गया है। कुल 12 गवाहों में से दो की गवाही हो पाई है।
करीब 24 साल पुराने इस मामले में 23 फरवरी 2024 से कोर्ट में गवाही चल रही है। अपहृत राहुल मद्धेशिया सहित चार गवाहों का अब तक बयान दर्ज किया जा सका है। उसके बाद से न्यायालय में अन्य गवाह गवाही के लिए पेश नहीं हो रहे हैं। बता दें कि, छह दिसंबर 2001 को कोतवाली थाना क्षेत्र के रोडवेज तिराहा निवासी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल को स्कूल जाते समय अगवा कर लिया गया था। इस मामले में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी सहित नौ के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
आरोप है कि लखनऊ के जिस मकान से राहुल मिला था, वह अमरमणि का ही था। बाद में अमरमणि सहित तीन की पत्रावली अलग कर दी गई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपित संदीप त्रिपाठी की मौत हो चुकी है। इस केस में मुख्य अभियुक्त अमरमणि की सभी चल-अचल संपत्ति कुर्क की जा चुकी है।
सात नवंबर को न्यायालय ने आदेश दिया था कि अब आरोपी की गिरफ्तारी की संभावना नहीं है, ऐसे में बिना अभियुक्ति की उपस्थिति के साक्ष्य की कार्रवाई शुरू की जाए। इसकी अगली तारीख पर 13 नवंबर 2024 से गवाही चल रही है।