बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम/एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरी की अदालत में सोमवार को चर्चित राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड के गवाह और तत्कालीन कोतवाल राजेंद्र सिंह की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई।
अदालत ने अनुपस्थित चल रहे पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी की पत्रावली सहित दो अन्य मामलों में रिटायर्ड इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह को 29 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। उसी दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उनकी जिरह की जाएगी।
न्यायालय ने बताया कि शेष गवाहों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया है। इस मामले में अमर मणि त्रिपाठी, शिवम उर्फ रामयज्ञ और संदीप त्रिपाठी की पत्रावलियां काफी पहले ही मूल पत्रावली से अलग कर दी गई थीं। इनमें से संदीप त्रिपाठी की मृत्यु हो चुकी है।
अदालत ने अब तक अपहृत राहुल मद्धेशिया के भाई कृष्ण मुरारी मद्धेशिया, सुपुर्दगी गवाह शिवा, पूर्व सीओ अविनाश मिश्र, गवाह संजय और शमशेर बहादुर सिंह के बयान दर्ज कर लिए हैं। अन्य गवाहों के बयान के लिए अदालत ने 29 अक्तूबर की तारीख निश्चित की है।
गौरतलब है कि 6 दिसंबर 2001 की सुबह 7:45 बजे बस्ती के जयपुरवा रोडवेज तिराहा के पास धर्मराज मद्धेशिया के पुत्र स्कूली छात्र राहुल मद्धेशिया का अपहरण कर लिया गया था।
इस मामले ने उस समय जिले में सनसनी फैला दी थी। बाद में एसटीएफ लखनऊ की टीम ने अपहृत राहुल को पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी के लखनऊ स्थित आवास से बरामद किया था। धर्मराज मद्धेशिया की तहरीर पर कोतवाली में केस दर्ज हुआ था। मुकदमे के दौरान धर्मराज मद्धेशिया का निधन हो गया।