बस्ती। एक कदम सुपोषण की ओर अभियान का शुभारंभ बुधवार को हुआ। सीएमओ डॉ. आरपी मिश्रा ने जिला महिला अस्पताल से इसकी शुरुआत की। सीएमओ डॉ. मिश्रा ने कहा कि वर्ष 2022 में दो बार मई तथा सितंबर में गर्भवती व धात्री महिलाओं के लिए एक कदम सुरक्षित मातृत्व की ओर अभियान चलाया गया था। अभियान के दोनों चरण के अच्छे परिणाम को देखते हुए इस वर्ष एक कदम सुरक्षित सुपोषण की ओर अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। अति कुपोषित बच्चों को भी अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
कहा कि स्वास्थ्य विभाग व आईसीडीएस के समन्वय से कार्यक्रम आयोजित होंगे। सभी स्वास्थ्य इकाइयों की ओपीडी/आईपीडी, छाया वीएचएसएनडी सत्र, पीएमएसएमए दिवस और सीएम जन आरोग्य मेला के दौरान यह सेवाएं दी जानी हैं। सात जून से छह जुलाई तक मुख्य अभियान संचालित होगा। सात से 13 जुलाई तक मॉपअप राउंड चलेगा।
एसीएमओ डॉ. एफ हुसैन, सीएमएस डॉ. सुधांशु द्विवेदी, डॉ. पीके श्रीवास्तव, डॉ. विनोद कुमार, डीपीएम राकेश पांडेय, डीसीपीएम दुर्गेश मल्ल, जिला मातृत्व स्वास्थ्य परामर्शदाता राजकुमार, डॉ. अजीत कुमार कुशवाहा, राजेश चौधरी, यूनीसेफ की डीएमसी नीलम, सोनिया, राघवेंद्र सिंह, मैटर्न मीरा शुक्ला, हरेंद्र मिश्रा, अब्दुल वारिस, वेदांती और प्रवेश मौजूद रहे।
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अभियान के उद्देश्य
मातृ स्वास्थ्य व पोषण-
जिला वेयर हाउस में उपलब्ध एएनसी संबंधी दवाओं की सभी चिकित्सा इकाइयों तथा वितरण सत्र तक जरूरी मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- प्रत्येक गर्भवती व धात्री तक ऑयरन, कैल्शियम, एल्बेंडाजोल व फोलिक एसिड की आवश्यक मात्रा में उपलब्धता व सेवन।
- इन दवाओं की खपत बढ़ाने के लिए व्याप्त मिथकों व नकारात्मकता का निराकरण करते हुए जागरूकता पैदा करना।
- मातृ स्वास्थ्य व पोषण संबंधी परामर्श प्रदान करना।
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सैम बच्चों का प्रबंधन
सैम बच्चों का सत्यापन करते हुए चिकित्सीय प्रबंधन।
- हर सैम बच्चे को छह दवाएं-अमोक्सीसीलीन, फॉलिक एसिड, आइएफए सीरप, एल्बेंडाजोल, विटामिन-ए और मल्टीविटामिन उपलब्ध कराना और उनका सेवन सुनिश्चित कराना।
- सैम बच्चों के परिवार को उनकी स्थिति के अनुसार समुचित पोषण के लिए परामर्श देना।
सेवाएं दी जानी हैं
प्रसव पूर्व जांच संबंधी दवाओं की आवश्यक मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- दो माह के लिए ऑयरन और कैल्शियम की गोलियां गर्भवती को उपलब्ध कराना।
- पोषण संबंधी जानकारी तथा परामर्श देना।